अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَهُوَ يَخْشَىٰ: और वह (अल्लाह से) डरता है।
तफ़सीर:
यह आयत उस व्यक्ति का वर्णन कर रही है जो सच्चे दिल से हिदायत की तलाश में आया था, और वह अल्लाह तआला से डरता था। ऐसा व्यक्ति जब नबी ﷺ के पास आया, तो वह अपने गुनाहों से तौबा करना चाहता था और कुरआन की आयतें सुनकर अपनी ज़िंदगी सुधारना चाहता था। उसके दिल में अल्लाह का खौफ़ था, और वह अपनी कमियों और तक़सीर पर शर्मिंदा था। अल्लाह तआला ने इस आयत में उसकी तारीफ़ की और उसे उच्च दर्जा दिया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के यहाँ वही इंसान इज़्ज़त वाला है जो उससे डरता है और अपने आचरण को सुधारता है। दुनिया में लोगों की नज़र में बड़ाई अमीरी, रुतबे या नस्ल से होती है, लेकिन अल्लाह के यहाँ असली बड़ाई तक़वा और ख़ौफ़-ए-ख़ुदा से है। जो व्यक्ति अल्लाह से डरता है, वही सच्चा मोमिन है, और अल्लाह उसकी हर दुआ सुनता है और उसे अपनी रहमत से नवाज़ता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के खौफ़ को हमेशा ज़िंदा रखना चाहिए। जब दिल में अल्लाह का डर होता है, तो इंसान गुनाहों से बचता है, अच्छे काम करता है, और दूसरों के साथ अच्छा सलूक करता है। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की तरफ ले जाता है। अल्लाह तआला कुरआन में फ़रमाता है कि उसके डर वाले बंदे ही कामयाब हैं, और उनके लिए ऐसी जगहें तैयार हैं जिनका कोई आँखों ने देखा नहीं, कानों ने सुना नहीं, और किसी दिल ने ख़याल भी नहीं किया।
तो आओ, हम सब अपने दिलों में अल्लाह का खौफ़ पैदा करें, क्योंकि यही वह चीज़ है जो हमें दुनिया में सब्र और इस्तिक़ामत देती है, और आख़िरत में हमारी नजात का ज़रिया बनेगी। अल्लाह हमें अपने खौफ़ और मोहब्बत के साथ जीने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 7-11 — अबस
अनुवाद — अबस 9
सूरा अबस आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ख़ुदा से) डरता हैसूरा आयत 9/42 — अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अबस सुनें, अबस अनुवाद, अबस mp3, अबस pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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