अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَإِلَى السَّمَاءِ: और आकाश की ओर
- كَيْفَ رُفِعَتْ: कैसे ऊँचा किया गया
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में इनकार करने वालों को उनकी अपनी दुनिया की उन चीज़ों पर ग़ौर करने की दावत दे रहा है जिन्हें वे हर रोज़ देखते हैं। उनसे कहा जा रहा है कि क्या वे आकाश की ओर नहीं देखते कि उसे कैसे ऊँचा उठाया गया है? यह आकाश जो उनके सिरों के ऊपर बिना किसी स्तंभ के टिका हुआ है, बिना किसी सहारे के खड़ा है, और कभी उन पर गिरता नहीं। यह अल्लाह की कुदरत का अज़ीम शाहकार है।
यह आकाश कितना विशाल है, कितना ऊँचा है, और इसमें कितने अजीबोग़रीब नज़ारे हैं — सूरज, चाँद, तारे, ग्रह — सब कुछ एक व्यवस्था के साथ चल रहे हैं। यह सब बताता है कि इसका बनाने वाला कितना क़ादिर (सक्षम) और हकीम (बुद्धिमान) है। जिसने इस विशाल आकाश को बिना किसी सहारे के ऊपर रखा है, वही अल्लाह है जो मरने के बाद लोगों को दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।
प्यारे भाइयो और बहनो! जब हम आकाश की ओर देखते हैं, तो हमें अपने रब की अज़मत और कुदरत का एहसास होना चाहिए। यह आकाश हमें याद दिलाता है कि जिसने इसे बिना सहारे के ऊँचा रखा है, वह हमारी हर ज़रूरत को पूरा कर सकता है, हमारी हर दुआ को सुन सकता है। इसलिए हमें अपने दिलों को अल्लाह की तरफ़ मोड़ना चाहिए, उसी पर भरोसा रखना चाहिए, और उसकी नेमतों पर शुक्र अदा करना चाहिए। यह आकाश हमें उस दिन की याद दिलाता है जब यही आकाश फट जाएगा और सब लोग अपने रब के सामने हाज़िर होंगे। उस दिन के लिए हमें आज ही तैयारी कर लेनी चाहिए — नेक अमल करके, अल्लाह की इबादत करके, और उसके रसूल की सुन्नत पर चलकर।
📜 आयत 16-20 — अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 18
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और आसमान की तरफ कि क्या बुलन्द बनाया गया हैसूरा आयत 18/26 — अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-ग़ाशिया सुनें, अल-ग़ाशिया अनुवाद, अल-ग़ाशिया mp3, अल-ग़ाशिया pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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