अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَخُوضُ (नख़ूज़ु): बातचीत में उलझना, बेकार की बातें करना, मज़ाक़ में बातें बनाना।
- نَلْعَبُ (नल'अबु): खेलना, मज़ाक़ करना, दिल्लगी करना।
- تَسْتَهْزِئُونَ (तस्तहज़िऊन): उपहास करना, मज़ाक़ उड़ाना, ठट्ठा करना।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे नबी! जब आप इन मुनाफ़िक़ों (कपटियों) से पूछते हैं कि उन्होंने आपके और आपके साथियों के बारे में वे बुरी बातें क्यों कहीं, तो वे बचाव के तौर पर कहते हैं: "हम तो केवल बातचीत में उलझे हुए थे और खेल-कूद रहे थे, हमारा कोई बुरा इरादा नहीं था, हम तो मज़ाक़ ही कर रहे थे।"
अल्लाह तआला आपको सिखाता है कि आप उनसे कहें: "क्या तुम अल्लाह, उसकी आयतों (क़ुरआन) और उसके रसूल का मज़ाक़ उड़ा रहे थे? क्या यही तुम्हारा खेल और मज़ाक़ था? क्या अल्लाह और उसके दीन जैसी गंभीर और पवित्र चीज़ें मज़ाक़ उड़ाने की वस्तुएँ हैं?"
यह उनके लिए बहुत बड़ी फटकार और ताड़ना है। वे अपने किए पर शर्मिंदा नहीं हुए, बल्कि बहाने बनाने लगे। उनका यह बहाना भी उनके कुफ़्र और मुनाफ़िक़ी को और स्पष्ट कर देता है, क्योंकि ईमान और अल्लाह के दीन का मज़ाक़ उड़ाना किसी भी हालत में माफ़ नहीं किया जा सकता। यह उनके दिलों में मौजूद नफ़रत और बुराई को ज़ाहिर करता है।
फ़ायदे (सीख):
- दीन में मज़ाक़ की गुंजाइश नहीं: अल्लाह, उसकी आयतों और उसके रसूल का मज़ाक़ उड़ाना कुफ़्र है, चाहे कोई उसे "मज़ाक़" या "दिल्लगी" ही क्यों न कहे। दीन के मामले में गंभीरता ज़रूरी है।
- बहानेबाज़ी से सच्चाई नहीं छिपती: मुनाफ़िक़ लोग अपनी ग़लतियों को छुपाने के लिए बहाने बनाते हैं, लेकिन अल्लाह को सब पता है। इंसान को चाहिए कि वह सच्चाई को स्वीकार करे और तौबा करे।
- अल्लाह के दीन की अज़मत: यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम, क़ुरआन और रसूल ﷺ की अज़मत और पवित्रता को हमेशा अपने दिल में रखें। इनकी बेअदबी से बचना हर मुसलमान का फ़र्ज़ है।
- मुनाफ़िक़ी की पहचान: मुनाफ़िक़ों की आदत होती है कि वे दीन के मामलों में मज़ाक़ करते हैं और जब पकड़े जाते हैं तो बहाने बनाते हैं। मुसलमान को चाहिए कि वह ऐसी सोहबत से बचे और हमेशा दीन को गंभीरता से ले।
- रसूल ﷺ की मोहब्बत: इस आयत में रसूल ﷺ का मज़ाक़ उड़ाने को अल्लाह के मज़ाक़ के बराबर बताया गया है, जो दर्शाता है कि रसूल ﷺ से मोहब्बत और अदब ईमान का हिस्सा है।
📜 आयत 63-67 — अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 65
सूरा अत-तौबा आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिससे तुम डरते हो ख़ुदा उसे ज़रूर ज़ाहिर कर देगा…सूरा आयत 65/129 — अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तौबा सुनें, अत-तौबा अनुवाद, अत-तौबा mp3, अत-तौबा pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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