अल-लैल · 9/21
अनुवाद उच्चारण — अल-लैल
وَكَذَّبَ بِالْحُسْنَىٰ ۝٩
Wa kazzaba bil husnaa
📖 हिंदी अर्थ
और अच्छी बात को झुठलाया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • कज़्ज़बा (झुठलाया): झुठलाना, अस्वीकार करना।
  • बिल-हुस्ना (अच्छी चीज़ से): यहाँ "ला इलाहा इल्लल्लाह" (अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं) और उस पर ईमान लाने से जुड़े अच्छे वादों (जैसे इन्फ़ाक़ का बदला, जन्नत, और अल्लाह की रहमत) को झुठलाना मुराद है।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला उस इंसान का हाल बयान कर रहा है जो अपने माल में बुख़्ल (कंजूसी) करता है और अपने रब से बेनियाज़ी महसूस करता है। ऐसा इंसान "अल-हुस्ना" यानी "ला इलाहा इल्लल्लाह" की गवाही और उसके साथ जुड़े अच्छे वादों को झुठलाता है। वह यह नहीं मानता कि अल्लाह उसके ख़र्च करने पर बदला देगा, न ही वह आख़िरत के इनाम और अज़ाब पर यक़ीन रखता है। वह दुनिया की दौलत को ही सब कुछ समझता है और उसे अपने माल पर इस कदर लालच होता है कि अल्लाह की राह में ख़र्च करना उसे बेकार लगता है।

इस झुठलाने का नतीजा यह होता है कि अल्लाह उसके लिए तंगी और शक़ावत (बदबख़्ती) के रास्ते आसान कर देता है। उसका माल, जिसे उसने बुख़्ल से जमा किया था, आख़िरकार उसे जहन्नम की आग से नहीं बचा सकता। याद रखिए, जो शख्स सच्चे दिल से "ला इलाहा इल्लल्लाह" पर ईमान लाता है और उस पर अमल करता है, उसके लिए अल्लाह ने जन्नत और खुशहाली के दरवाज़े खोल दिए हैं। मगर जो इसे झुठलाता है, वह अपने हाथों अपनी तबाही का सामान करता है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयो और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा और उसके वादों पर यक़ीन ही असली कामयाबी है। जब हम अपने माल में से अल्लाह की राह में ख़र्च करते हैं, तो यह नुक़सान नहीं, बल्कि अल्लाह की तरफ से एक बड़ा सौदा है — वह हमें कई गुना बदला देता है और हमारे दिल को सुकून अता करता है। अल्लाह कभी किसी को महरूम नहीं रखता। आओ, हम "ला इलाहा इल्लल्लाह" को सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं, बल्कि दिल और अमल से सच करें, और अपने रब के वादों पर पक्का यक़ीन रखें। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की तरफ ले जाता है और हमें जहन्नम के अज़ाब से बचाता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 7-11 — अल-लैल

7فَسَنُيَسِّرُهُ لِلْيُسْرَىٰ
(जन्नत) के असबाब मुहय्या कर देंगे
8وَأَمَّا مَن بَخِلَ وَاسْتَغْنَىٰ
और जिसने बुख्ल किया, और बेपरवाई की
9وَكَذَّبَ بِالْحُسْنَىٰ
और अच्छी बात को झुठलाया
10فَسَنُيَسِّرُهُ لِلْعُسْرَىٰ
तो हम उसे सख्ती (जहन्नुम) में पहुँचा देंगे,
11وَمَا يُغْنِي عَنْهُ مَالُهُ إِذَا تَرَدَّىٰ
और जब वह हलाक होगा तो उसका माल उसके कुछ भी काम न आएगा
अल-लैलकुरान सूची
21आयत
मक्कीRevelation
9आयत

अनुवाद — अल-लैल 9

सूरा अल-लैल आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अच्छी बात को झुठलाया

सूरा आयत 9/21 — अल-लैल الليل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-लैल सुनें, अल-लैल अनुवाद, अल-लैल mp3, अल-लैल pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए