Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَلَلْآخِرَةُ — और आख़िरत (आने वाला जीवन) निश्चित रूप से।
- خَيْرٌ لَّكَ — तुम्हारे लिए बेहतर है।
- مِنَ الْأُولَىٰ — पहले (दुनिया के जीवन) से।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को दिलासा और खुशखबरी दे रहे हैं। जब नबी ﷺ पर वह़ी का सिलसिला कुछ दिनों के लिए रुका, तो मुशरिकीन ने ताने मारने शुरू कर दिए। उस मुश्किल घड़ी में अल्लाह ने यह आयत उतारी कि ऐ मेरे नबी! जो आने वाला है वह पिछले से कहीं बेहतर है।
यानी आख़िरत का जीवन, जो हमेशा रहने वाला है, और जो कुछ अल्लाह ने वहाँ आपके लिए इज़्ज़त, किरामत और नेअमतों का ख़ज़ाना रखा है — वह इस दुनिया के जीवन से कहीं बढ़कर है। दुनिया की ज़िंदगी चंद रोज़ की है, जिसमें दुख-सुख, तकलीफ़ और आज़माइशें हैं। लेकिन आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा की है, जिसमें सिर्फ़ खुशियाँ और अल्लाह की रज़ा है।
यह आयत हमें सिखाती है कि मोमिन की नज़र हमेशा आख़िरत पर होनी चाहिए। दुनिया की चीज़ें चाहे जितनी भी खूबसूरत और आकर्षक लगें, वह फ़ानी हैं। असली कामयाबी उसी की है जो आख़िरत को अपना निशाना बनाए। अल्लाह अपने नबी ﷺ से वादा कर रहे हैं कि वह आपको इतना कुछ देंगे कि आप खुश हो जाएँगे — यह वादा हर मोमिन के लिए उम्मीद की किरण है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि मुश्किलों और आज़माइशों के वक़्त निराश न हों। अल्लाह का फज़ल और करम हमेशा साथ है। जो आज दुनिया में मुश्किल लग रही है, वह आख़िरत की नेअमतों के सामने बहुत छोटी है। हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी का हर लम्हा अल्लाह की रज़ा के लिए गुज़ारें, ताकि आख़िरत में वह इनाम पा सकें जो आँखों ने कभी देखा न हो, कानों ने सुना न हो, और किसी दिल ने सोचा भी न हो।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह अपने प्यारे बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। जब वह किसी पर मुश्किल डालता है, तो उसके बाद राहत और खुशी का वादा करता है। तो ऐ मोमिन! तू भी इस वादे पर यक़ीन रख, और अपने रब से मोहब्बत और भरोसे के साथ जुड़ा रह। बेशक, आख़िरत ही बेहतर है, और वहीं हमारी असली मंज़िल है।
📜 आयत 2-6 — सूरा अद-दुहा
अनुवाद — अद-दुहा 4
सूरा अद-दुहा आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम्हारे वास्ते आख़ेरत दुनिया से यक़ीनी कहीं बेहतर हैसूरा आयत 4/11 — सूरा अद-दुहा الضحى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुहा सुनें, सूरा अद-दुहा अनुवाद, सूरा अद-दुहा mp3, सूरा अद-दुहा pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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