अज़-ज़लज़ला · 2/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़लज़ला
وَأَخْرَجَتِ الْأَرْضُ أَثْقَالَهَا ۝٢
Wa akh rajatil ardu athqaalaha
📖 हिंदी अर्थ
और ज़मीन अपने अन्दर के बोझे (मादनयात मुर्दे वग़ैरह) निकाल डालेगी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَثْقَالَهَا: इससे मुराद ज़मीन के अंदर छिपे हुए मुर्दे, खज़ाने और कीमती चीज़ें हैं, जिन्हें ज़मीन अपने पेट में छिपाए हुए थी।

तफ़सीर:

जब उस दिन ज़मीन को ज़ोर से हिलाया जाएगा, और वह अपने अंदर छिपी हुई हर चीज़ को बाहर निकाल देगी — चाहे वे मुर्दे हों जो सदियों से उसके पेट में दफ़न थे, या वे खज़ाने और कीमती चीज़ें जो इंसानों ने उसमें छिपा रखी थीं। ज़मीन उन सबको अपनी पीठ पर उगल देगी और उन्हें बाहर फेंक देगी। यह उस दिन की एक बहुत बड़ी घटना होगी, जब ज़मीन अपने अंदर के सारे राज़ खोल देगी।

यह आयत हमें याद दिलाती है कि ज़मीन जो कुछ भी अपने अंदर छिपाए हुए है, वह सब एक दिन सामने आ जाएगा। जिस तरह ज़मीन मुर्दों और खज़ानों को बाहर निकालेगी, उसी तरह हमारे अमल भी एक दिन सामने आएँगे। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में ऐसे काम करें जो हमारे लिए रोशनी और खुशी का सबब बनें, और उन कामों से बचें जो हमारे लिए पछतावे का कारण बनें।

यह भी हमें सिखाता है कि दुनिया की यह ज़िंदगी हमेशा नहीं रहेगी, और न ही ज़मीन की यह हालत हमेशा रहेगी। एक दिन यह सब बदल जाएगा, और हम सबको अपने किए का हिसाब देना होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अच्छे अमल से भरें, दूसरों की मदद करें, और अल्लाह की इबादत में अपना वक़्त गुज़ारें। यही वह रास्ता है जो हमें उस दिन की परेशानियों से बचाएगा और हमें उस खुशी तक पहुँचाएगा जो कभी खत्म नहीं होती।



📜 आयत 1-4 — सूरा अज़-ज़लज़ला

1إِذَا زُلْزِلَتِ الْأَرْضُ زِلْزَالَهَا
जब ज़मीन बड़े ज़ोरों के साथ ज़लज़ले में आ जाएगी
2وَأَخْرَجَتِ الْأَرْضُ أَثْقَالَهَا
और ज़मीन अपने अन्दर के बोझे (मादनयात मुर्दे वग़ैरह) निकाल डालेगी
3وَقَالَ الْإِنسَانُ مَا لَهَا
और एक इन्सान कहेगा कि उसको क्या हो गया है
4يَوْمَئِذٍ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا
उस रोज़ वह अपने सब हालात बयान कर देगी
अज़-ज़लज़लाकुरान सूची
8आयत
मदनीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — अज़-ज़लज़ला 2

सूरा अज़-ज़लज़ला आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ज़मीन अपने अन्दर के बोझे (मादनयात मुर्दे वग़ैरह) निकाल…

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Monday, September 28, 2026

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