अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تُحَدِّثُ: बताएगी, खबर देगी
- أَخْبَارَهَا: अपनी ख़बरें, यानी जो कुछ उस पर हुआ
तफ़सीर:
उस दिन — क़ियामत के दिन — जब सारा संसार उथल-पुथल में होगा, तब यह धरती, जो आज चुपचाप अपने ऊपर होने वाले हर अच्छे और बुरे काम को देखती और सहती है, अपनी ज़बान खोलेगी और बयान करेगी कि उस पर क्या-क्या किया गया। यह कोई साधारण बात नहीं होगी, बल्कि अल्लाह तआला के हुक्म से यह धरती उन सारे कर्मों की गवाही देगी जो उस पर अंजाम दिए गए — चाहे वह नेकी हो या गुनाह।
यह धरती उस दिन हर उस आदमी के अच्छे और बुरे कामों की ख़बर देगी जिसने उस पर कदम रखा, जिसने उस पर सजदा किया, जिसने उस पर ज़ुल्म किया, जिसने उस पर रोया, जिसने उस पर हँसा — सब कुछ वह बयान कर देगी। यह अल्लाह का इंतज़ाम है कि उस दिन ज़मीन भी इंसान के ख़िलाफ़ गवाही देगी, ताकि हक़ पूरी तरह ज़ाहिर हो जाए।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला की निगाह में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं है — हर चीज़ दर्ज है। यह धरती, जिस पर हम चलते हैं, जिस पर हम आराम करते हैं, वही हमारे आमाल की गवाह बनेगी। कितनी बड़ी बात है कि हमारे हर काम की गवाही देने वाली यह ज़मीन ख़ुद अल्लाह के हुक्म से बोलेगी!
इससे हमें सबक़ लेना चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में हर उस काम से बचें जो हमें शर्मिंदा करे, और उन नेक कामों को बढ़ाएँ जो उस दिन हमारे लिए रौशनी बनें। यह धरती हमारी गवाह है — आज वह ख़ामोश है, लेकिन उस दिन वह बोलेगी। क्या ही अच्छा हो कि जब वह बोले, तो हमारे बारे में वह सिर्फ़ अच्छी ख़बरें सुनाए!
📜 आयत 2-6 — अज़-ज़लज़ला
अनुवाद — अज़-ज़लज़ला 4
सूरा अज़-ज़लज़ला आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस रोज़ वह अपने सब हालात बयान कर देगीसूरा आयत 4/8 — अज़-ज़लज़ला الزلزلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़लज़ला सुनें, अज़-ज़लज़ला अनुवाद, अज़-ज़लज़ला mp3, अज़-ज़लज़ला pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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