Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِأَنَّ — इसलिए कि, क्योंकि
- رَبَّكَ — तेरा पालनहार
- أَوْحَىٰ — आदेश दिया, प्रकाशित किया, हुक्म भेजा
- لَهَا — उसके लिए (अर्थात् धरती के लिए)
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत उस महान घटना का वर्णन कर रही है जो क़यामत के दिन घटित होगी। जब धरती अपने भीतर के सारे रहस्य उगल देगी और हर अच्छे-बुरे कर्म की गवाही देगी, तो यह प्रश्न उठता है कि यह निर्जीव धरती कैसे बोलेगी? इसका उत्तर इसी आयत में दिया गया है कि यह सब उसके रब के आदेश से होगा। जिस रब ने इस विशाल ब्रह्मांड को बनाया, उसी ने धरती को भी यह आदेश दिया कि वह बोले और गवाही दे।
यहाँ "أَوْحَىٰ" शब्द का प्रयोग बड़ा ही अर्थपूर्ण है। जिस प्रकार अल्लाह अपने नबियों पर वह्य (प्रकाशना) भेजता है, उसी प्रकार वह धरती को भी समझा देगा और उसे बोलने की शक्ति प्रदान करेगा। यह अल्लाह की क़ुदरत का एक अद्भुत नमूना है कि वह जिस चीज़ को चाहता है, बोलने की ताक़त दे सकता है।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की रचना में कोई चीज़ बेकार नहीं है। यह धरती, जिस पर हम चलते हैं, जिस पर हम खेती करते हैं, जिस पर हम अपनी इमारतें बनाते हैं — यही धरती क़यामत के दिन हमारे खिलाफ़ गवाही देगी। हमारे हर कर्म को यह धरती अपने सीने में संजोए रखेगी।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपने हर अमल पर ध्यान देना चाहिए। जिस धरती पर हम रहते हैं, वह हमारे हर अच्छे और बुरे कर्म की गवाह है। अगर हम नेक काम करेंगे तो यह धरती हमारे लिए गवाही देगी, और अगर हम बुरे काम करेंगे तो भी यह गवाही देगी।
यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत पर विश्वास करने की ताक़त देती है। जो अल्लाह धरती को बोलने की शक्ति दे सकता है, वह हमारे हर कर्म का हिसाब लेने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएं, नेक काम करें, बुराइयों से बचें, और याद रखें कि हमारा रब सब कुछ देख रहा है और सब कुछ जानता है।
यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाती है जब हर इंसान अपने कर्मों का फल पाएगा। धरती की यह गवाही उस दिन का एक हिस्सा है जब सारा राज़ खुल जाएगा। इसलिए आज ही अपने कर्मों को सुधार लें, तौबा कर लें, और अल्लाह की रहमत के साये में आ जाएं। अल्लाह बड़ा मेहरबान और क्षमा करने वाला है।
📜 आयत 3-7 — सूरा अज़-ज़लज़ला
अनुवाद — अज़-ज़लज़ला 5
सूरा अज़-ज़लज़ला आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगासूरा आयत 5/8 — सूरा अज़-ज़लज़ला الزلزلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़लज़ला सुनें, सूरा अज़-ज़लज़ला अनुवाद, सूरा अज़-ज़लज़ला mp3, सूरा अज़-ज़लज़ला pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़लज़ला
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


