अज़-ज़लज़ला · 5/8
अनुवाद उच्चारण — अज़-ज़लज़ला
بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا ۝٥
Bi-anna rabbaka awhaa laha
📖 हिंदी अर्थ
क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بِأَنَّ — इसलिए कि, क्योंकि
  • رَبَّكَ — तेरा पालनहार
  • أَوْحَىٰ — आदेश दिया, प्रकाशित किया, हुक्म भेजा
  • لَهَا — उसके लिए (अर्थात् धरती के लिए)

विस्तृत तफ़सीर:

यह आयत उस महान घटना का वर्णन कर रही है जो क़यामत के दिन घटित होगी। जब धरती अपने भीतर के सारे रहस्य उगल देगी और हर अच्छे-बुरे कर्म की गवाही देगी, तो यह प्रश्न उठता है कि यह निर्जीव धरती कैसे बोलेगी? इसका उत्तर इसी आयत में दिया गया है कि यह सब उसके रब के आदेश से होगा। जिस रब ने इस विशाल ब्रह्मांड को बनाया, उसी ने धरती को भी यह आदेश दिया कि वह बोले और गवाही दे।

यहाँ "أَوْحَىٰ" शब्द का प्रयोग बड़ा ही अर्थपूर्ण है। जिस प्रकार अल्लाह अपने नबियों पर वह्य (प्रकाशना) भेजता है, उसी प्रकार वह धरती को भी समझा देगा और उसे बोलने की शक्ति प्रदान करेगा। यह अल्लाह की क़ुदरत का एक अद्भुत नमूना है कि वह जिस चीज़ को चाहता है, बोलने की ताक़त दे सकता है।

यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की रचना में कोई चीज़ बेकार नहीं है। यह धरती, जिस पर हम चलते हैं, जिस पर हम खेती करते हैं, जिस पर हम अपनी इमारतें बनाते हैं — यही धरती क़यामत के दिन हमारे खिलाफ़ गवाही देगी। हमारे हर कर्म को यह धरती अपने सीने में संजोए रखेगी।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपने हर अमल पर ध्यान देना चाहिए। जिस धरती पर हम रहते हैं, वह हमारे हर अच्छे और बुरे कर्म की गवाह है। अगर हम नेक काम करेंगे तो यह धरती हमारे लिए गवाही देगी, और अगर हम बुरे काम करेंगे तो भी यह गवाही देगी।

यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत पर विश्वास करने की ताक़त देती है। जो अल्लाह धरती को बोलने की शक्ति दे सकता है, वह हमारे हर कर्म का हिसाब लेने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएं, नेक काम करें, बुराइयों से बचें, और याद रखें कि हमारा रब सब कुछ देख रहा है और सब कुछ जानता है।

यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाती है जब हर इंसान अपने कर्मों का फल पाएगा। धरती की यह गवाही उस दिन का एक हिस्सा है जब सारा राज़ खुल जाएगा। इसलिए आज ही अपने कर्मों को सुधार लें, तौबा कर लें, और अल्लाह की रहमत के साये में आ जाएं। अल्लाह बड़ा मेहरबान और क्षमा करने वाला है।

🎧 सुनें

📜 आयत 3-7 — अज़-ज़लज़ला

3وَقَالَ الْإِنسَانُ مَا لَهَا
और एक इन्सान कहेगा कि उसको क्या हो गया है
4يَوْمَئِذٍ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا
उस रोज़ वह अपने सब हालात बयान कर देगी
5بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا
क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा
6يَوْمَئِذٍ يَصْدُرُ النَّاسُ أَشْتَاتًا لِّيُرَوْا أَعْمَالَهُمْ
उस दिन लोग गिरोह गिरोह (अपनी कब्रों से) निकलेंगे ताकि अपने आमाल को देखे
7فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًا يَرَهُ
तो जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा
अज़-ज़लज़लाकुरान सूची
8आयत
मदनीRevelation
5आयत

अनुवाद — अज़-ज़लज़ला 5

सूरा अज़-ज़लज़ला आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा

सूरा आयत 5/8 — अज़-ज़लज़ला الزلزلة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़लज़ला सुनें, अज़-ज़लज़ला अनुवाद, अज़-ज़लज़ला mp3, अज़-ज़लज़ला pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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