Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَمَا وَسَقَ: "वसक़" का अर्थ है इकट्ठा करना और समेटना। अर्थात् रात जो कुछ भी अपने अंदर समेट लेती है, उसे अपनी ओर खींच लेती है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में रात की क़सम खाई है, और उस चीज़ की क़सम जो रात अपने अंदर समेट लेती है। जब रात आती है, तो दिन में फैली हुई हर चीज़ — चाहे वह जानवर हों, चिड़ियाँ हों, कीड़े-मकोड़े हों या इंसान — सब अपने-अपने ठिकानों और बिलों की ओर लौट जाते हैं। रात उन सबको अपनी गोद में समेट लेती है, उन्हें ढक लेती है और उन्हें सुकून और पनाह देती है।
यह क़सम इसलिए खाई गई है ताकि उसके बाद जो बात कही जाए वह सुनने वालों के दिलों में अच्छी तरह बैठ जाए। अल्लाह तआला ने रात की क़सम खाकर यह बताना चाहा कि जिस तरह रात हर चीज़ को समेट लेती है और उसे अपने अंदर छिपा लेती है, उसी तरह अल्लाह तआला हर चीज़ को अपने क़ब्ज़े में रखता है और उसकी ताक़त से कोई चीज़ बाहर नहीं।
यहाँ एक महत्वपूर्ण बात यह है कि क़सम सिर्फ़ अल्लाह ही खा सकता है, और अल्लाह ने अपनी मख़लूक़ (सृष्टि) की क़सम खाई है ताकि इंसान उसकी निशानियों पर ग़ौर करे। लेकिन इंसान के लिए अल्लाह के सिवा किसी और की क़सम खाना जायज़ नहीं, क्योंकि यह शिर्क की तरफ ले जाने वाला काम है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह तआला की बनाई हुई हर चीज़ में उसकी कुदरत की निशानियाँ हैं। रात का आना, उसका अंधेरा, उसमें सबका अपने ठिकानों की ओर लौटना — यह सब अल्लाह की इबादत और उसकी तारीफ़ की गवाही देता है। जब हम रात को देखते हैं कि कैसे सब कुछ सुकून की नींद सो जाता है, तो हमें याद करना चाहिए कि असली सुकून और पनाह तो अल्लाह ही के पास है। जो इंसान अल्लाह की याद में अपना दिल लगाएगा, अल्लाह उसे दुनिया और आख़िरत दोनों में सुकून अता करेगा।
📜 आयत 15-19 — सूरा अल-इनशिक़ाक
अनुवाद — अल-इनशिक़ाक 17
सूरा अल-इनशिक़ाक आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और रात की और उन चीज़ों की जिन्हें ये ढाँक…सूरा आयत 17/25 — सूरा अल-इनशिक़ाक الإنشقاق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इनशिक़ाक सुनें, सूरा अल-इनशिक़ाक अनुवाद, सूरा अल-इनशिक़ाक mp3, सूरा अल-इनशिक़ाक pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इनशिक़ाक
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


