अल-इनशिक़ाक · 4/25
अनुवाद उच्चारण — अल-इनशिक़ाक
وَأَلْقَتْ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتْ ۝٤
Wa alqat maa feehaa wa takhallat
📖 हिंदी अर्थ
और जो कुछ उसमें है उगल देगी और बिल्कुल ख़ाली हो जाएगी
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَلْقَتْ: बाहर निकाल दिया, फेंक दिया
  • مَا فِيهَا: जो कुछ उसके भीतर है (खज़ाने, मुर्दे)
  • تَخَلَّتْ: खाली हो गई, उनसे अलग हो गई, कुछ भी अपने पास न रखा

तफ़सीर (व्याख्या):

जब क़ियामत का दिन आएगा, तो यह धरती जो आज इतनी स्थिर और मज़बूत दिखती है, उसकी हालत बदल जाएगी। वह अपने अंदर छिपी हर चीज़ को बाहर निकाल देगी — चाहे वे खज़ाने हों जो सदियों से उसके सीने में दफ़न थे, या वे मुर्दे हों जिन्हें इंसानों ने उसकी गोद में सुपुर्द किया था। धरती उन सबको बाहर उगल देगी और पूरी तरह खाली हो जाएगी। कोई चीज़ उसके पास नहीं बचेगी, न कोई रहस्य, न कोई अमानत।

यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि यह दुनिया और इसकी सारी चीज़ें फ़ानी हैं। आज हम जिन चीज़ों को अपनी संपत्ति समझते हैं, जिन खज़ानों को जमा करते हैं, और जिन लोगों से हमारा लगाव है — एक दिन सब कुछ बदल जाएगा। धरती अपने पेट में जो कुछ भी छिपाए हुए है, उसे बाहर फेंक देगी और बिल्कुल खाली हो जाएगी।

यह आयत हमें सिखाती है कि हमें इस दुनिया के भौतिक सुखों और संपत्ति पर अत्यधिक मोह नहीं रखना चाहिए। जिस धरती पर हम चलते हैं, जिस पर हम अपने घर बनाते हैं, जिसमें हम अपने मुर्दों को दफ़नाते हैं — वही धरती एक दिन सब कुछ बाहर निकाल देगी। यह अल्लाह की क़ुदरत का एक अज़ीम नज़ारा है।

इससे हमें यह सबक़ मिलता है कि असली चीज़ अल्लाह का दीन है, नेक अमल हैं, और अल्लाह की रज़ा है। यह दुनिया और इसके खज़ाने एक दिन खत्म हो जाएंगे, लेकिन आख़िरत की कामयाबी हमेशा रहने वाली है। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारें कि जिस दिन धरती अपने अंदर की हर चीज़ बाहर निकाले, उस दिन हमारा पलड़ा नेकियों से भारी हो, और हम अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें। यही असली कामयाबी है।

🎧 सुनें

📜 आयत 2-6 — अल-इनशिक़ाक

2وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ
और अपने परवरदिगार का हुक्म बजा लाएगा और उसे वाजिब भी यही है
3وَإِذَا الْأَرْضُ مُدَّتْ
और जब ज़मीन (बराबर करके) तान दी जाएगी
4وَأَلْقَتْ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتْ
और जो कुछ उसमें है उगल देगी और बिल्कुल ख़ाली हो जाएगी
5وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ
और अपने परवरदिगार का हुक्म बजा लाएगी
6يَا أَيُّهَا الْإِنسَانُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدْحًا فَمُلَاقِيهِ
और उस पर लाज़िम भी यही है (तो क़यामत आ जाएगी) ऐ इन्सान तू अपने परवरदिगार की हुज़ूरी की कोशिश करता है
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अनुवाद — अल-इनशिक़ाक 4

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Tuesday, August 18, 2026

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