Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- بَلَىٰ: हाँ, अवश्य (इसका प्रयोग नकारात्मक बात को सकारात्मक रूप में बदलने के लिए होता है)।
- بَصِيرًا: देखने वाला, सब कुछ जानने वाला, हर चीज़ पर पूर्ण दृष्टि रखने वाला।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों की ग़लतफ़हमी का खंडन कर रहे हैं जो यह सोचते हैं कि वे कभी दोबारा जीवित नहीं होंगे और न ही उनसे उनके कर्मों का हिसाब लिया जाएगा। ऐसे लोग दुनिया में अपनी ख़्वाहिशों में मगन रहते हैं, अपने अमल पर इतराते हैं और यह भूल जाते हैं कि उन्हें एक दिन अपने रब के सामने पेश होना है।
अल्लाह फ़रमाता है: "हाँ, अवश्य!" — यानी जैसा वे गुमान करते हैं, वैसा हरगिज़ नहीं होगा। बल्कि वे ज़रूर दोबारा जीवित किए जाएँगे, जैसे उन्हें पहली बार पैदा किया गया था। उनका रब उन्हें उठाएगा और उनके हर अच्छे-बुरे कर्म का पूरा हिसाब लेगा।
फिर अल्लाह तआला इसका कारण बयान करते हुए फ़रमाते हैं: "बेशक उसका रब उसे देख रहा था।" यानी अल्लाह तआला को उसकी पूरी ज़िंदगी का इल्म है — उसके जन्म से लेकर उसकी मौत तक, उसके हर क़दम, हर नज़र, हर बात, हर इरादे से वह पूरी तरह वाक़िफ़ है। कोई भी चीज़ अल्लाह से छिपी नहीं है। इसलिए यह बिल्कुल न्यायसंगत है कि वह उसे उठाकर उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला दे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी देती है — अल्लाह तआला हमें देख रहा है, हमारी हर अच्छाई को जानता है और उसका अज्र देने वाला है। जो लोग यह सोचते हैं कि उनके अच्छे काम बेकार जाएँगे, वे ग़लत समझते हैं। अल्लाह की निगाह में हमारा एक नेक काम भी छोटा नहीं है। साथ ही यह हमारे लिए एक चेतावनी भी है कि हमारे बुरे कर्म भी अल्लाह से छिपे नहीं हैं, इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को सुधारना चाहिए।
यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि मौत के बाद की ज़िंदगी हक़ है, और उस दिन हर इंसान को उसके अमल का पूरा बदला मिलेगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम इस दुनिया में ऐसे जिएँ जैसे हमें पता है कि अल्लाह हमें देख रहा है — और वह सच में हमें देख रहा है! यही हमारी कामयाबी की कुंजी है।
📜 आयत 13-17 — सूरा अल-इनशिक़ाक
अनुवाद — अल-इनशिक़ाक 15
सूरा अल-इनशिक़ाक आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हाँ उसका परवरदिगार यक़ीनी उसको देख भाल कर रहा हैसूरा आयत 15/25 — सूरा अल-इनशिक़ाक الإنشقاق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इनशिक़ाक सुनें, सूरा अल-इनशिक़ाक अनुवाद, सूरा अल-इनशिक़ाक mp3, सूरा अल-इनशिक़ाक pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-इनशिक़ाक
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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