अल-इनशिक़ाक · 6/25
अनुवाद उच्चारण — अल-इनशिक़ाक
يَا أَيُّهَا الْإِنسَانُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدْحًا فَمُلَاقِيهِ ۝٦
Yaaa ayyuhal insaanu innaka kaadihun ilaa Rabbika kad han famulaaqeeh
📖 हिंदी अर्थ
और उस पर लाज़िम भी यही है (तो क़यामत आ जाएगी) ऐ इन्सान तू अपने परवरदिगार की हुज़ूरी की कोशिश करता है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَادِحٌ: अर्थात परिश्रम करने वाला, मेहनत करने वाला, प्रयास करने वाला।
  • كَدْحًا: यह शब्द ज़ोर देने के लिए है, अर्थात बहुत अधिक परिश्रम और मेहनत।
  • فَمُلَاقِيهِ: अर्थात तू अपने रब से मिलने वाला है, या तू अपने कर्मों के बदले (अच्छे या बुरे) से मिलने वाला है।

विस्तृत तफ़सीर:

ऐ इंसान! तू अपने रब की तरफ लगातार बढ़ रहा है, चाहे तुझे इसका एहसास हो या न हो। तेरी ज़िंदगी का हर लम्हा, हर साँस, हर कदम — सब कुछ तेरे रब की तरफ ही जा रहा है। तू दिन-रात मेहनत कर रहा है, कभी खुशी में, कभी ग़म में, कभी अच्छे कामों में, तो कभी बुरे कामों में — लेकिन ये सारी मेहनत और परिश्रम बेकार नहीं जाएगा।

याद रख! तेरी ये सारी दौड़-धूप, ये सारी कोशिशें, ये सारे कर्म — सब कुछ एक दिन तेरे रब के सामने पेश होगा। तू अपने किए हुए हर अच्छे और हर बुरे काम का बदला पाने वाला है। जिस दिन तू अपने रब से मिलेगा, उस दिन तेरी सारी मेहनत का हिसाब होगा। अगर तूने अच्छे काम किए हैं, तो अल्लाह की रहमत और उसका इनाम तेरा इंतज़ार कर रहा है। और अगर बुरे काम किए हैं, तो उसका अंजाम भी तुझे भुगतना होगा।

ये बात तेरे लिए एक चेतावनी भी है और एक खुशखबरी भी। चेतावनी इसलिए कि तू अपने कर्मों से सावधान रहे, और खुशखबरी इसलिए कि तेरी मेहनत और अच्छे काम रब के यहाँ बेकार नहीं जाएंगे। अल्लाह ने तुझे ये ज़िंदगी बेकार नहीं दी है, बल्कि ये एक इम्तिहान है। और जो इंसान इस इम्तिहान में अपने रब की रज़ा के लिए मेहनत करता है, उसके लिए ऐसा इनाम है जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।

तो ऐ इंसान! अपनी मेहनत को सही दिशा दो। अपने परिश्रम को अल्लाह की राह में लगाओ। याद रखो, तुम्हारा रब तुम्हारी हर छोटी-बड़ी कोशिश को देख रहा है, और वो तुम्हें तुम्हारे कर्मों का पूरा-पूरा बदला देने वाला है। ये ज़िंदगी का सफ़र बहुत छोटा है, लेकिन इसकी कमाई बहुत बड़ी है। अच्छे कर्मों की कमाई जन्नत है, और बुरे कर्मों का अंजाम जहन्नम। अपनी मेहनत को समझदारी से चुनो, क्योंकि कल तुम्हें अपने रब के सामने खड़ा होना है।

🎧 सुनें

📜 आयत 4-8 — अल-इनशिक़ाक

4وَأَلْقَتْ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتْ
और जो कुछ उसमें है उगल देगी और बिल्कुल ख़ाली हो जाएगी
5وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ
और अपने परवरदिगार का हुक्म बजा लाएगी
6يَا أَيُّهَا الْإِنسَانُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدْحًا فَمُلَاقِيهِ
और उस पर लाज़िम भी यही है (तो क़यामत आ जाएगी) ऐ इन्सान तू अपने परवरदिगार की हुज़ूरी की कोशिश करता है
7فَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ بِيَمِينِهِ
तो तू (एक न एक दिन) उसके सामने हाज़िर होगा फिर (उस दिन) जिसका नामाए आमाल उसके दाहिने हाथ में दिया जाएगा
8فَسَوْفَ يُحَاسَبُ حِسَابًا يَسِيرًا
उससे तो हिसाब आसान तरीके से लिया जाएगा
अल-इनशिक़ाककुरान सूची
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अनुवाद — अल-इनशिक़ाक 6

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Tuesday, August 18, 2026

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