अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَأَذِنَتْ: सुनी, आज्ञा का पालन किया, अनुग्रह किया
- لِرَبِّهَا: अपने पालनहार के लिए
- وَحُقَّتْ: और यह उसके लिए उचित और आवश्यक था
व्याख्या:
जब क़यामत का दिन आएगा, तो आकाश फट जाएगा और बादलों के साथ विदीर्ण हो जाएगा। यह कोई सामान्य घटना नहीं होगी, बल्कि यह अल्लाह तआला के आदेश का परिणाम होगी। आकाश अपने रब की आज्ञा को सुनेगा और उसके प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हो जाएगा। यह समर्पण उसके लिए उचित भी है, क्योंकि वह अल्लाह की रचना है और उसके आदेश का पालन करना उसका कर्तव्य है।
इसी प्रकार, जब धरती को बिछा दिया जाएगा, उसके पहाड़ चूर-चूर कर दिए जाएँगे, और वह अपने भीतर दफ़न मुर्दों को बाहर निकाल फेंकेगी, तो वह भी अपने रब की आज्ञा का पालन करेगी। धरती अपने अंदर छिपे हुए लोगों को खाली कर देगी और उनसे अलग हो जाएगी। यह सब कुछ अल्लाह के आदेश से होगा, और धरती के लिए यह उचित है कि वह अपने पालनहार के आदेश के आगे सिर झुकाए।
यहाँ दो बार "अज़िनत" (सुनी) का उल्लेख किया गया है - पहला आकाश के लिए और दूसरा धरती के लिए। दोनों ही अपने रब के आदेश को सुनकर उसका पालन करेंगी, और यह उनके लिए अनिवार्य और उचित है।
शिक्षा और प्रेरणा:
यह आयत हमें सिखाती है कि जब आकाश और धरती जैसी विशाल रचनाएँ अपने रब के आदेश के सामने झुक जाती हैं, तो हम इंसानों को कितना अधिक समर्पित होना चाहिए। हमें अपने जीवन में अल्लाह के आदेशों का पालन करना चाहिए और उसकी रज़ा पर संतुष्ट रहना चाहिए। यह भी याद दिलाता है कि क़यामत का दिन अवश्य आएगा, और उस दिन सारी सृष्टि अल्लाह के सामने समर्पित होगी। इसलिए हमें उस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए, अच्छे कर्म करने चाहिए और अल्लाह की रहमत के लिए प्रयास करना चाहिए। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की शक्ति असीम है, और उसके आदेश के आगे कोई ताकत नहीं टिक सकती। हमें उसी की इबादत करनी चाहिए और उसी से मदद माँगनी चाहिए।
📜 आयत 3-7 — अल-इनशिक़ाक
अनुवाद — अल-इनशिक़ाक 5
सूरा अल-इनशिक़ाक आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपने परवरदिगार का हुक्म बजा लाएगीसूरा आयत 5/25 — अल-इनशिक़ाक الإنشقاق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इनशिक़ाक सुनें, अल-इनशिक़ाक अनुवाद, अल-इनशिक़ाक mp3, अल-इनशिक़ाक pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
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Wednesday, August 19, 2026
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