अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَوْلَا — क्यों नहीं / क्यों नहीं उतारा गया?
- آيَةٌ — निशानी, चमत्कार, प्रमाण
- الْغَيْبُ — छिपी हुई बातें, वह ज्ञान जो केवल अल्लाह को है
- فَانتَظِرُوا — तो इंतज़ार करो
- مِنَ الْمُنتَظِرِينَ — इंतज़ार करने वालों में से
तफ़सीर (व्याख्या):
ये आयत मक्का के काफ़िरों और मुशरिकों के उस रवैये का जवाब देती है, जो वे अल्लाह के रसूल ﷺ के खिलाफ अपनाए हुए थे। वे कहते थे कि मुहम्मद ﷺ पर उनके रब की ओर से कोई चमत्कारी निशानी क्यों नहीं उतारी गई? उनका मतलब था कि जैसे हम चाहते हैं, वैसा कोई भौतिक चमत्कार दिखाया जाए — जैसे पहाड़ से पानी निकलना, जमीन से खजाना निकलना, या आसमान से कोई किताब गिरना। वे ये सब इसलिए कहते थे कि वे सच्चाई को मानना नहीं चाहते थे, बल्कि बहाने बनाना चाहते थे।
अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ को हिदायत दी कि आप उन्हें जवाब दें: "ग़ैब का ज्ञान केवल अल्लाह को है।" यानी चमत्कारों का उतरना, उनका समय, उनकी किस्म — ये सब कुछ अल्लाह के इख्तियार में है। वह जब चाहे जैसा चाहे करता है। यह आपका काम नहीं है कि आप उनकी मांग पर चमत्कार पेश करें। आपका काम तो केवल पैग़ाम पहुंचाना है। अल्लाह की हिकमत में जो मसलहत होती है, वही वह करता है। अगर वह चाहता तो उनकी मांगी हुई निशानियां भी दिखा सकता था, लेकिन उसने अपनी हिकमत से ऐसा नहीं किया, क्योंकि वे लोग निशानियां देखकर भी ईमान नहीं लाने वाले थे — जैसा कि पिछली उम्मतों का हाल था।
फिर अल्लाह ने फरमाया: "तो तुम इंतज़ार करो, मैं भी तुम्हारे साथ इंतज़ार करने वालों में से हूँ।" यानी जो अंजाम अल्लाह की तरफ से आना है — चाहे वो दुनिया में अज़ाब हो या आख़िरत में — उसका इंतज़ार करो। मैं भी उस वक़्त का इंतज़ार कर रहा हूँ जब अल्लाह सच्चे और झूठे के बीच फैसला करेगा और सच्चाई की मदद करेगा।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि हमें अल्लाह पर पूरा भरोसा रखना चाहिए और उसकी हिकमत पर यक़ीन करना चाहिए। जब हम सच्चाई पर होते हैं, तो हमें घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह के फैसले का इंतज़ार करना चाहिए। अल्लाह कभी अपने सच्चे बंदों को नाकाम नहीं करता। वह हमेशा सच्चाई की मदद करता है, चाहे देर से ही सही। यही सब्र और भरोसा ही मोमिन की पहचान है।
📜 आयत 18-22 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 20
सूरा यूनुस आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कहते हैं कि उस पैग़म्बर पर कोई मोजिज़ा (हमारी…सूरा आयत 20/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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