अल-हुमज़ा · 3/9
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हुमज़ा
يَحْسَبُ أَنَّ مَالَهُ أَخْلَدَهُ ۝٣
Yahsabu anna maalahu akhladah
📖 हिंदी अर्थ
वह समझता है कि उसका माल उसे हमेशा ज़िन्दा बाक़ी रखेगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَحْسَبُ (वह समझता है) – यानी वह भ्रम में है, अज्ञानता के कारण ऐसा ख्याल करता है।
  • أَخْلَدَهُ (उसे हमेशा के लिए छोड़ दिया / उसे अमर कर दिया) – यानी उसका माल उसे दुनिया में स्थायी रूप से जीवित रखेगा और मौत से बचाएगा।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उस इंसान की मानसिकता को उजागर करती है जो दुनिया के धन-दौलत को इकट्ठा करने में लगा रहता है और समझता है कि यही उसकी असली कामयाबी है। वह भूल जाता है कि यह माल उसे मौत से नहीं बचा सकता, न ही उसे दुनिया में हमेशा के लिए जीवित रख सकता है। उसका यह ख्याल पूरी तरह से भ्रम और अज्ञानता पर आधारित है, क्योंकि उसने अपनी आँखों से कितने ही अमीरों को मरते देखा होता है, फिर भी वह सोचता है कि उसका धन उसे अमर बना देगा।

यह आदमी की उस कमज़ोर सोच को दर्शाता है जब वह अपने माल को अपना सहारा और अपनी सुरक्षा समझ लेता है। वह यह नहीं सोचता कि यह माल तो एक दिन यहीं छूट जाएगा, और उसे अकेले ही अपने कर्मों का हिसाब देना होगा। उसका यह विश्वास कि "मेरा माल मुझे हमेशा रखेगा" उसे अहंकार और लापरवाही में डाल देता है, और वह आख़िरत की तैयारी से दूर हो जाता है।

दावत (नसीहत):

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किस चीज़ को सबसे ज़्यादा अहमियत दे रहे हैं। क्या हम भी उस इंसान की तरह हैं जो सिर्फ दुनिया के माल-दौलत में लगा हुआ है और यह भूल गया है कि एक दिन उसे इस दुनिया से जाना है? याद रखिए, यह माल, यह दौलत, यह ठाठ-बाठ – सब कुछ यहीं रह जाएगा, और हमें अकेले अपने अच्छे या बुरे कर्मों का सामना करना होगा। अल्लाह तआला हमें समझ दे कि हम दुनिया को आख़िरत पर तरजीह न दें, बल्कि अपने माल को अल्लाह की राह में खर्च करें, ताकि वह हमारे लिए सच्ची नजात का ज़रिया बने। यह माल हमें अमर नहीं कर सकता, लेकिन अल्लाह की राह में खर्च किया गया माल हमारे लिए जन्नत का रास्ता खोल सकता है। अल्लाह हम सबको सीधी राह दिखाए। आमीन।



📜 आयत 1-5 — सूरा अल-हुमज़ा

1وَيْلٌ لِّكُلِّ هُمَزَةٍ لُّمَزَةٍ
हर ताना देने वाले चुग़लख़ोर की ख़राबी है
2الَّذِي جَمَعَ مَالًا وَعَدَّدَهُ
जो माल को जमा करता है और गिन गिन कर रखता है
3يَحْسَبُ أَنَّ مَالَهُ أَخْلَدَهُ
वह समझता है कि उसका माल उसे हमेशा ज़िन्दा बाक़ी रखेगा
4كَلَّا ۖ لَيُنبَذَنَّ فِي الْحُطَمَةِ
हरगिज़ नहीं वह तो ज़रूर हुतमा में डाला जाएगा
5وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْحُطَمَةُ
और तुमको क्या मालूम हतमा क्या है
अल-हुमज़ाकुरान सूची
9आयत
मक्कीअवतरण स्थान
3आयत

अनुवाद — अल-हुमज़ा 3

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Monday, September 28, 2026

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