Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جَمَعَ مَالًا: धन-दौलत इकट्ठा करना।
- وَعَدَّدَهُ: उसे गिनना, उसकी गिनती रखना, या उसे अपनी पूँजी और ताकत बनाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस इंसान का हाल बयान कर रही है जिसकी सारी चिंता और धुन सिर्फ़ दुनिया का माल जमा करना और उसे गिनते रहना है। उसका दिल इसी में लगा रहता है कि कैसे और कितना धन इकट्ठा करूँ, कैसे उसे बढ़ाऊँ और उसे अपने लिए सुरक्षित रखूँ। वह इस माल को अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी पूँजी समझता है और सोचता है कि यही उसकी इज़्ज़त और कामयाबी का ज़रिया है। उसे न तो अल्लाह की याद है, न मौत की फ़िक्र, न आख़िरत का ख़्याल। उसकी नज़र में दौलत ही सब कुछ है।
यह आयत हमें सिखाती है कि माल-दौलत अल्लाह की दी हुई नेमत है, लेकिन इसे ही अपना मक़सद-ए-हयात बना लेना, और इसी पर भरोसा कर लेना, इंसान को अल्लाह की रहमत से दूर कर देता है। जो इंसान अपना पूरा ध्यान दुनिया के इकट्ठा करने में लगा देता है, वह भूल जाता है कि यह माल एक दिन यहीं छूट जाएगा और उसके पीछे सिर्फ़ हिसाब बाक़ी रहेगा। अल्लाह तआला हमें सिखाता है कि असली कामयाबी उसी की है जो दौलत को अपना मालिक न बनाए, बल्कि उसे अल्लाह की राह में खर्च करे, ग़रीबों की मदद करे और अपने रब की रज़ा का तालिब रहे। याद रखिए, दौलत तो एक ज़रिया है, मक़सद नहीं। जो इसे मक़सद बना लेता है, वह दुनिया में भी बेचैन रहता है और आख़िरत में भी नुक़सान उठाएगा। अल्लाह हमें दुनिया की मोहब्बत से बचाए और आख़िरत की तैयारी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-4 — सूरा अल-हुमज़ा
अनुवाद — अल-हुमज़ा 2
सूरा अल-हुमज़ा आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो माल को जमा करता है और गिन गिन कर…सूरा आयत 2/9 — सूरा अल-हुमज़ा الهمزة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हुमज़ा सुनें, सूरा अल-हुमज़ा अनुवाद, सूरा अल-हुमज़ा mp3, सूरा अल-हुमज़ा pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-हुमज़ा
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


