हूद · 122/123
अनुवाद उच्चारण — सूरा हूद
وَانتَظِرُوا إِنَّا مُنتَظِرُونَ ۝١٢٢
Wantaziroo innaa mun taziroon
📖 हिंदी अर्थ
(नतीजे का) तुम भी इन्तज़ार करो हम (भी) मुन्तिज़िर है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَانتَظِرُوا: तुम प्रतीक्षा करो।
  • إِنَّا مُنتَظِرُونَ: निस्संदेह हम भी प्रतीक्षा करने वाले हैं।

व्याख्या:

हे नबी! उन काफिरों से कहिए जो अल्लाह की एकता को स्वीकार नहीं करते और आपकी तथा आपके अनुयायियों की हानि के लिए प्रयासरत हैं: "तुम अपने तरीके और अपनी स्थिति पर कार्य करते रहो, और उस परिपाक की प्रतीक्षा करो जो तुम्हारे कर्मों का परिणाम होगा। हम भी अपने तरीके और अपनी स्थिति पर दृढ़ हैं, अल्लाह के आदेश का पालन करते हुए, और हम भी उस परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं जो तुम्हारे कर्मों का होगा।" यह वाक्य उनके लिए एक गंभीर चेतावनी और धमकी है, क्योंकि वे यह देख लेंगे कि सत्य का पक्ष कौन लेता है और असत्य का पतन कैसे होता है। अल्लाह अपने नबी और उनके साथियों की सहायता करेगा, और काफिरों को अपनी योजनाओं में विफलता दिखाएगा।

शिक्षाएँ और लाभ:

  • यह आयत मुसलमानों को धैर्य और दृढ़ता का पाठ पढ़ाती है, क्योंकि सत्य के मार्ग पर चलने वालों को अंततः विजय अवश्य मिलती है।
  • यह बताती है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वालों को किसी भी विरोध या धमकी से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि अल्लाह का फैसला सबसे ऊपर है।
  • यह काफिरों के लिए एक चेतावनी है कि उनकी चालें और योजनाएँ अल्लाह की योजना के सामने कुछ भी नहीं हैं, और उनका अंत विनाशकारी होगा।
  • यह आयत मुसलमानों को यह सिखाती है कि जब वे सत्य पर हों, तो उन्हें अपने विरोधियों की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं, बल्कि वे स्वयं उनके परिणाम की प्रतीक्षा करें, क्योंकि सत्य की जीत अल्लाह का वादा है।


📜 आयत 120-123 — सूरा हूद

120وَكُلًّا نَّقُصُّ عَلَيْكَ مِنْ أَنبَاءِ الرُّسُلِ مَا نُثَبِّتُ بِهِ فُؤَادَكَ ۚ وَجَاءَكَ فِي هَٰذِهِ الْحَقُّ وَمَوْعِظَةٌ وَذِكْرَىٰ لِلْمُؤْمِنِينَ
और (ऐ रसूल) पैग़म्बरों के हालत में से हम उन तमाम क़िस्सों को तुम से बयान किए देते हैं जिनसे हम तुम्हारे दिल को मज़बूत कर देगें और उन्हीं क़िस्सों में तुम्हारे पास हक़ (क़ुरान) और मोमिनीन के लिए नसीहत और याद दहानी भी आ गई
121وَقُل لِّلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ اعْمَلُوا عَلَىٰ مَكَانَتِكُمْ إِنَّا عَامِلُونَ
और (ऐ रसूल) जो लोग ईमान नहीं लाते उनसे कहो कि तुम बजाए ख़ुद अमल करो हम भी कुछ (अमल) करते हैं
122وَانتَظِرُوا إِنَّا مُنتَظِرُونَ
(नतीजे का) तुम भी इन्तज़ार करो हम (भी) मुन्तिज़िर है
123وَلِلَّهِ غَيْبُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَإِلَيْهِ يُرْجَعُ الْأَمْرُ كُلُّهُ فَاعْبُدْهُ وَتَوَكَّلْ عَلَيْهِ ۚ وَمَا رَبُّكَ بِغَافِلٍ عَمَّا تَعْمَلُونَ
और सारे आसमान व ज़मीन की पोशीदा बातों का इल्म ख़ास ख़ुदा ही को है और उसी की तरफ हर काम हिर फिर कर लौटता है तुम उसी की इबादत करो और उसी पर भरोसा रखो और जो कुछ तुम लोग करते हो उससे ख़ुदा बेख़बर नहीं
हूदकुरान सूची
123आयत
मक्कीअवतरण स्थान
122आयत

अनुवाद — हूद 122

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सूरा आयत 122/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 120–123. हिंदी अर्थ: اردو.





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Saturday, October 3, 2026

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