अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- غَيْبُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ: आकाशों और धरती की सभी छिपी हुई बातों का ज्ञान, जो बंदों से परदा है।
- يُرْجَعُ الْأَمْرُ كُلُّهُ: सारा मामला उसी की ओर लौटाया जाएगा, अर्थात निर्णय और प्रबंधन उसी के हाथ में है।
- تَوَكَّلْ عَلَيْهِ: उसी पर भरोसा रखें और अपने सारे मामले उसे सौंप दें।
- بِغَافِلٍ: बेखबर या अनजान।
तफसीर:
यह आयत अल्लाह तआला की असीम शक्ति और उसके पूर्ण ज्ञान को बयान करती है। आकाशों और धरती में जो कुछ भी छिपा है—चाहे वह बंदों की नज़रों से परदा हो, चाहे वह भविष्य की घटनाएँ हों, चाहे दिलों के राज़ हों—उस सबका पूरा और अकेला ज्ञान केवल अल्लाह के पास है। कोई चीज़ उसके ज्ञान से बाहर नहीं, न आकाश की ऊँचाइयों में और न धरती की गहराइयों में।
फिर अल्लाह तआला बताता है कि पूरे ब्रह्मांड का सारा मामला—चाहे वह सृष्टि का प्रबंधन हो, चाहे जीवन-मरण हो, चाहे हर व्यक्ति का अंतिम फैसला हो—सब कुछ उसी की ओर लौटने वाला है। क़ियामत के दिन सारा अधिकार और निर्णय केवल उसी के हाथ में होगा। इसलिए ऐ नबी! और तुम्हारे माध्यम से सभी मोमिनों को निर्देश दिया जा रहा है कि केवल उसी की इबादत करो, उसी के आगे सिर झुकाओ, और उसी पर भरोसा रखो। अपने सारे मामले उसे सौंप दो, क्योंकि वही तुम्हारे लिए काफी है। जो व्यक्ति अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसके लिए हर मुश्किल से निकलने का रास्ता बना देता है।
आयत के अंत में अल्लाह तआला अपने बंदों को आश्वस्त करता है कि तुम्हारा रब तुम्हारे किसी भी काम से बेखबर नहीं है। चाहे तुम अच्छा करो या बुरा, चाहे वह छिपकर हो या खुलकर—उसका ज्ञान हर चीज़ को घेरे हुए है। वह हर व्यक्ति को उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा, नेकी का बदला नेकी से और बुराई का बदला उचित रूप से।
फ़ायदे:
- इस आयत से मोमिन को यह विश्वास मिलता है कि अल्लाह का ज्ञान हर चीज़ पर छाया हुआ है, इसलिए उसे कभी अकेलापन या असुरक्षा महसूस नहीं करनी चाहिए। वह जानता है कि उसका रब उसे देख रहा है और उसकी हर पुकार सुन रहा है।
- यह आयत बंदे को केवल अल्लाह की इबादत और उसी पर भरोसा करने की शिक्षा देती है। जब बंदा यह समझ लेता है कि सारा मामला अल्लाह के हाथ में है, तो उसका दिल किसी और की ओर उम्मीद भरी नज़र से नहीं देखता और वह हर हाल में अल्लाह पर निर्भर रहता है।
- यह आयत अच्छे और बुरे कर्मों के प्रति सचेत करती है। चूँकि अल्लाह हर काम से बेखबर नहीं है, इसलिए इंसान को चाहिए कि वह अपने हर काम में सावधानी बरते और याद रखे कि उसके सारे कर्म दर्ज हो रहे हैं और एक दिन उसे उनका हिसाब देना होगा।
- इस आयत में मोमिन के लिए सबसे बड़ी तसल्ली यह है कि उसका रब उसके साथ है, उसकी कोशिशों से वाकिफ है, और उसकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाएगी। यह चीज़ उसे अच्छे कर्मों पर स्थिर रहने की ताकत देती है।
📜 आयत 121-123 — हूद
अनुवाद — हूद 123
सूरा हूद आयत 123 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सारे आसमान व ज़मीन की पोशीदा बातों का इल्म…सूरा आयत 123/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 121–123. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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