अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَدْ جَادَلْتَنَا: तुमने हमसे झगड़ा किया और हमसे विवाद किया।
- فَأَكْثَرْتَ جِدَالَنَا: तुमने हमारे साथ बहस और विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।
- فَأْتِنَا بِمَا تَعِدُنَا: हमें वह (अज़ाब) लाकर दिखाओ जिसकी तुम हमें धमकी देते हो।
- إِن كُنتَ مِنَ الصَّادِقِينَ: अगर तुम सच्चे लोगों में से हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को लंबे समय तक ईमान की दावत दी और उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराया, तो उनकी क़ौम के सरकश और विद्रोही लोगों ने अत्यधिक ज़िद और घमंड के साथ कहा: "ऐ नूह! तुमने हमसे बहुत झगड़ा किया और हमारे साथ विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। अब अगर तुम सच्चे हो, तो हमें वह अज़ाब लाकर दिखाओ जिसकी तुम हमें धमकी देते रहे हो।" यह कहना उनकी ओर से एक चुनौती और मज़ाक़ था, क्योंकि वे अल्लाह के अज़ाब को दूर की बात समझते थे और अपनी ताक़त पर इतराते थे। उन्होंने यह बात तंग करने और हक़ को झुठलाने के लिए कही, न कि सच्चाई जानने के लिए।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत हमें सिखाती है कि हक़ की दावत देने वालों को मुख़ालिफ़ों की तरफ़ से ताने, चुनौतियाँ और मज़ाक़ का सामना करना पड़ता है, लेकिन सब्र और अल्लाह पर भरोसा ही कामयाबी की कुंजी है।
- अल्लाह के नबियों ने कभी भी अपनी दावत में कमज़ोरी नहीं दिखाई, चाहे उन्हें कितनी भी सख्त मुख़ालफ़त का सामना करना पड़ा हो। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम भी हक़ की राह में डटे रहें।
- अज़ाब की चुनौती देना और उसे जल्दी माँगना कुफ़्र और अहंकार की निशानी है। मोमिन को चाहिए कि वह अल्लाह की रहमत की तरफ़ दौड़े, न कि अज़ाब को बुलाए।
- यह आयत उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अल्लाह के वादों को मज़ाक़ समझते हैं — अल्लाह का अज़ाब ज़रूर आएगा, चाहे वह देर से ही क्यों न आए, और उसके आने पर कोई उसे टाल नहीं सकता।
📜 आयत 30-34 — हूद
अनुवाद — हूद 32
सूरा हूद आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह लोग कहने लगे ऐ नूह तुम हम से यक़ीनन…सूरा आयत 32/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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