अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِمُعْجِزِينَ: अल्लाह को विवश करने वाले, उसकी पकड़ से बच निकलने वाले, या उसे असमर्थ बना देने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम के उन लोगों को जवाब देते हुए कहा जो उनसे अज़ाब (यातना) जल्द लाने की माँग कर रहे थे: "मैं तुम्हारे लिए अज़ाब लाने वाला नहीं हूँ, और न ही यह मेरे अधिकार में है। अज़ाब तो केवल अल्लाह ही ला सकता है, जब वह चाहेगा। वह इसे तुम पर उसी वक़्त लाएगा जो उसकी मर्ज़ी होगी — चाहे वह जल्दी हो या देर से। और याद रखो, जब अल्लाह किसी क़ौम पर अज़ाब नाज़िल करने का फ़ैसला कर लेता है, तो तुम उससे बच निकलने की ताक़त नहीं रखते। न तो तुम अल्लाह को हरा सकते हो, न उसकी पकड़ से भाग सकते हो, और न ही कोई तुम्हें उसके अज़ाब से बचा सकता है। अल्लाह की क़ुदरत के आगे तुम्हारी सारी ताक़तें बेकार हैं, चाहे तुम कितनी भी कोशिश कर लो।"
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह पर भरोसा और उसकी मर्ज़ी का एहतिराम: इस आयत से हमें सीख मिलती है कि हर मामला अल्लाह के हाथ में है। हमें जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए, बल्कि अल्लाह की तरफ़ से जो भी आए, उसे सब्र और रज़ा (संतोष) के साथ क़ुबूल करना चाहिए। अल्लाह हर काम को अपनी हिकमत (बुद्धिमत्ता) के मुताबिक़ सही वक़्त पर करता है।
- अल्लाह की क़ुदरत की अज़मत: यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। इंसान चाहे कितनी भी ताक़तवर, अमीर या चालाक हो, अल्लाह के अज़ाब से भागना नामुमकिन है। यह हमें अल्लाह से डरने और उसकी नाफ़रमानी से बचने की तरग़ीब देता है।
- नबियों की बेबसी और अल्लाह की बेइन्तहा ताक़त: नूह (अलैहिस्सलाम) जैसे महान नबी भी अज़ाब लाने की ताक़त नहीं रखते, बल्कि वे अल्लाह के हुक्म के पाबंद हैं। इससे हमें यह समझ मिलती है कि हर इंसान — चाहे वह नबी ही क्यों न हो — अल्लाह के सामने आजिज़ (विवश) है। सारी ताक़त और इख़्तियार सिर्फ़ अल्लाह के पास है।
- अज़ाब से पहले तौबा की दावत: यह आयत बताती है कि अल्लाह का अज़ाब जब आता है, तो किसी को मोहलत (समय) नहीं दी जाती। इसलिए हमें अज़ाब आने से पहले तौबा कर लेनी चाहिए और अल्लाह की रहमत की तरफ़ लौट जाना चाहिए। अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ (व्यापक) है।
📜 आयत 31-35 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 33
सूरा हूद आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : नूह ने कहा अगर चाहेगा तो बस ख़ुदा ही तुम…सूरा आयत 33/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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