अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَنشَأَكُم: उत्पन्न किया, पैदा किया।
- اسْتَعْمَرَكُمْ: तुम्हें आबाद करने वाला बनाया, यानी ज़मीन को आबाद करने की ताकत और ज़िम्मेदारी दी।
- اسْتَغْفِرُوهُ: उससे अपने गुनाहों की माफ़ी माँगो।
- تُوبُوا إِلَيْهِ: उसी की तरफ़ रुजू करो, सच्ची तौबा करो।
- قَرِيبٌ مُجِيبٌ: (वह) बहुत करीब है, दुआओं का सुनने वाला और क़बूल करने वाला है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने क़ौमे समूद की तरफ़ उनके भाई नबी सालिह (अलैहिस्सलाम) को भेजा। उन्होंने अपनी क़ौम को पुकारा और कहा: "ऐ मेरी क़ौम! सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करो, उसके सिवा तुम्हारा कोई माबूद (पूज्य) नहीं है जो इबादत के लायक़ हो। उसी को अपना रब और मालिक मानो, और उसी के आगे झुको।"
फिर उन्होंने अपनी क़ौम को उसकी सबसे बड़ी नेमत की याद दिलाई: "उसी ने तुम्हें ज़मीन से पैदा किया — तुम्हारे बाप आदम को मिट्टी से बनाया, और फिर तुम्हें ज़मीन पर फैलाया। उसी ने तुम्हें ज़मीन का ख़लीफ़ा और आबाद करने वाला बनाया, ताकि तुम उसमें खेती करो, घर बनाओ, और उसकी नेमतों से फ़ायदा उठाओ। ये सब कुछ उसी की मेहरबानी है।"
इसलिए नबी सालिह ने उन्हें दो चीज़ों की हिदायत दी: पहले अपने गुनाहों की माफ़ी माँगो (इस्तिग़फ़ार करो), फिर सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ़ पलटो (तौबा करो) — यानी गुनाह छोड़ो, नेक अमल करो, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालो। ये तौबा सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं, बल्कि दिल और अमल से होनी चाहिए।
आख़िर में नबी सालिह ने उन्हें ख़ुशख़बरी दी: "मेरा रब बहुत करीब है — वो उन लोगों के करीब है जो उसकी इबादत में सच्चे हैं, और वो हर पुकारने वाले की दुआ सुनता है और क़बूल करता है।" यानी अल्लाह से दूरी का कोई ठिकाना नहीं — वो हमसे हमारी शहरग (गर्दन) की नस से भी ज़्यादा करीब है। बस ज़रूरत है सच्चे दिल से उसकी तरफ़ रुजू करने की।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
ये आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह हमारा ख़ालिक (पैदा करने वाला) ही नहीं, बल्कि हमारा मालिक और मेहरबान भी है। उसने हमें ज़मीन पर इज़्ज़त दी, हमें आबाद करने की ताक़त दी — ये उसकी मुहब्बत की निशानी है। जब वो इतना करीब है और हर दुआ सुनता है, तो हमें क्यों न उसकी तरफ़ पलटना चाहिए? चाहे हमसे कितने भी गुनाह हुए हों, उसका दरवाज़ा खुला है। वो सिर्फ़ ये चाहता है कि हम सच्चे दिल से उसकी तरफ़ आएँ, माफ़ी माँगें, और अपनी ज़िंदगी को सुधारें। अल्लाह की रहमत से कभी निराश न हों — वो क़रीब है, सुनता है, और क़बूल करता है।
📜 आयत 59-63 — हूद
अनुवाद — हूद 61
सूरा हूद आयत 61 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (हमने) क़ौमे समूद के पास उनके भाई सालेह को…सूरा आयत 61/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 59–63. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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