हूद · 90/123
अनुवाद उच्चारण — सूरा हूद
وَاسْتَغْفِرُوا رَبَّكُمْ ثُمَّ تُوبُوا إِلَيْهِ ۚ إِنَّ رَبِّي رَحِيمٌ وَدُودٌ ۝٩٠
Wastaghfiroo Rabbakum summa toobooo ilaih; inna Rabbee Raheemunw Wadood
📖 हिंदी अर्थ
और अपने परवरदिगार से अपनी मग़फिरत की दुआ माँगों फिर उसी की बारगाह में तौबा करो बेशक मेरा परवरदिगार बड़ा मोहब्बत वाला मेहरबान है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَاسْتَغْفِرُوا: अपने पापों की क्षमा माँगो।
  • تُوبُوا: रुजू हो जाओ, पलट आओ।
  • رَحِيمٌ: अत्यंत दयालु, जो अपने बंदों पर दया करता है।
  • وَدُودٌ: अत्यधिक प्रेम करने वाला, अपने नेक बंदों से प्रेम करने वाला।

तफसीर:

अल्लाह के नबी शुएब (अलैहिस्सलाम) अपनी क़ौम को नसीहत कर रहे हैं कि वे अपने रब से माफ़ी माँगें और अपने कुकर्मों से तौबा करके उसकी ओर पलट आएँ। यानी पहले अपने गुनाहों की क्षमा की दरख्वास्त करें, फिर सच्चे दिल से उसकी इताअत (आज्ञाकारिता) की तरफ लौट आएँ और उसी पर स्थिर रहें। यह तौबा सिर्फ ज़ुबान से नहीं, बल्कि दिल से पक्के इरादे के साथ होनी चाहिए कि आइंदा गुनाह नहीं करेंगे।

फिर अल्लाह के नबी ने अपनी क़ौम को उम्मीद दिलाई कि मेरा रब बड़ा ही रहम वाला है और अपने बंदों से बेहद मुहब्बत करने वाला है। जब कोई बंदा अपने गुनाहों से तौबा करके उसकी तरफ रुजू होता है, तो वह उस पर रहम फरमाता है और उसकी तौबा कबूल करता है। उसकी मुहब्बत उस बंदे के लिए ख़ास हो जाती है जो उसकी तरफ पलट आता है। यह अल्लाह की सिफ़त है कि वह रहम करने वाला और अपने नेक बंदों से प्रेम करने वाला है, जैसा कि उसकी शान के लायक़ है।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह की रहमत और मुहब्बत का दरवाज़ा हमेशा खुला है; बंदा जब भी सच्चे दिल से तौबा करे, अल्लाह उसे कबूल करता है।
  2. तौबा का मतलब सिर्फ माफ़ी माँगना नहीं, बल्कि गुनाह छोड़कर अल्लाह की इताअत की तरफ पलट आना है।
  3. यह आयत हमें सिखाती है कि निराशा कभी नहीं करनी चाहिए, चाहे गुनाह कितने ही बड़े हों, अल्लाह की रहमत उनसे कहीं बड़ी है।
  4. अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदों से मुहब्बत करता है, और यह मुहब्बत बंदे के लिए सबसे बड़ी नेमत है।
  5. इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में हमेशा अल्लाह की तरफ रुजू रहना चाहिए और उसकी रहमत से उम्मीद लगाए रखनी चाहिए।


📜 आयत 88-92 — सूरा हूद

88قَالَ يَا قَوْمِ أَرَأَيْتُمْ إِن كُنتُ عَلَىٰ بَيِّنَةٍ مِّن رَّبِّي وَرَزَقَنِي مِنْهُ رِزْقًا حَسَنًا ۚ وَمَا أُرِيدُ أَنْ أُخَالِفَكُمْ إِلَىٰ مَا أَنْهَاكُمْ عَنْهُ ۚ إِنْ أُرِيدُ إِلَّا الْإِصْلَاحَ مَا اسْتَطَعْتُ ۚ وَمَا تَوْفِيقِي إِلَّا بِاللَّهِ ۚ عَلَيْهِ تَوَكَّلْتُ وَإِلَيْهِ أُنِيبُ
शुएब ने कहा ऐ मेरी क़ौम अगर मै अपने परवरदिगार की तरफ से रौशन दलील पर हूँ और उसने मुझे (हलाल) रोज़ी खाने को दी है (तो मै भी तुम्हारी तरह हराम खाने लगूँ) और मै तो ये नहीं चाहता कि जिस काम से तुम को रोकूँ तुम्हारे बर ख़िलाफ (बदले) आप उसको करने लगूं मैं तो जहाँ तक मुझे बन पड़े इसलाह (भलाई) के सिवा (कुछ और) चाहता ही नहीं और मेरी ताईद तो ख़ुदा के सिवा और किसी से हो ही नहीं सकती इस पर मैने भरोसा कर लिया है और उसी की तरफ रुज़ू करता हूँ
89وَيَا قَوْمِ لَا يَجْرِمَنَّكُمْ شِقَاقِي أَن يُصِيبَكُم مِّثْلُ مَا أَصَابَ قَوْمَ نُوحٍ أَوْ قَوْمَ هُودٍ أَوْ قَوْمَ صَالِحٍ ۚ وَمَا قَوْمُ لُوطٍ مِّنكُم بِبَعِيدٍ
और ऐ मेरी क़ौमे मेरी ज़िद कही तुम से ऐसा जुर्म न करा दे जैसी मुसीबत क़ौम नूह या हूद या सालेह पर नाज़िल हुई थी वैसी ही मुसीबत तुम पर भी आ पड़े और लूत की क़ौम (का ज़माना) तो (कुछ ऐसा) तुमसे दूर नहीं (उन्हीं के इबरत हासिल करो
90وَاسْتَغْفِرُوا رَبَّكُمْ ثُمَّ تُوبُوا إِلَيْهِ ۚ إِنَّ رَبِّي رَحِيمٌ وَدُودٌ
और अपने परवरदिगार से अपनी मग़फिरत की दुआ माँगों फिर उसी की बारगाह में तौबा करो बेशक मेरा परवरदिगार बड़ा मोहब्बत वाला मेहरबान है
91قَالُوا يَا شُعَيْبُ مَا نَفْقَهُ كَثِيرًا مِّمَّا تَقُولُ وَإِنَّا لَنَرَاكَ فِينَا ضَعِيفًا ۖ وَلَوْلَا رَهْطُكَ لَرَجَمْنَاكَ ۖ وَمَا أَنتَ عَلَيْنَا بِعَزِيزٍ
और वह लोग कहने लगे ऐ शुएब जो बाते तुम कहते हो उनमें से अक्सर तो हमारी समझ ही में नहीं आयी और इसमें तो शक नहीं कि हम तुम्हें अपने लोगों में बहुत कमज़ोर समझते है और अगर तुम्हारा क़बीला न होता तो हम तुम को (कब का) संगसार कर चुके होते और तुम तो हम पर किसी तरह ग़ालिब नहीं आ सकते
92قَالَ يَا قَوْمِ أَرَهْطِي أَعَزُّ عَلَيْكُم مِّنَ اللَّهِ وَاتَّخَذْتُمُوهُ وَرَاءَكُمْ ظِهْرِيًّا ۖ إِنَّ رَبِّي بِمَا تَعْمَلُونَ مُحِيطٌ
शुएब ने कहा ऐ मेरी क़ौम क्या मेरे कबीले का दबाव तुम पर ख़ुदा से भी बढ़ कर है (कि तुम को उसका ये ख्याल) और ख़ुदा को तुम लोगों ने अपने वास्ते पीछे डाल दिया है बेशक मेरा परवरदिगार तुम्हारे सब आमाल पर अहाता किए हुए है
हूदकुरान सूची
123आयत
मक्कीअवतरण स्थान
90आयत

अनुवाद — हूद 90

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Friday, October 2, 2026

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