अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَكَانَتِكُمْ: अपनी शक्ति, सामर्थ्य और अपने तरीके पर।
- يُخْزِيهِ: जो उसे अपमानित करे और रुसवा कर दे।
- وَارْتَقِبُوا: इंतज़ार करो, प्रतीक्षा करो।
- رَقِيبٌ: देखने वाला, निगरानी करने वाला।
तफसीर (व्याख्या):
हज़रत शुएब (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को नसीहत करते हुए कहा: "ऐ मेरी क़ौम! तुम अपनी शक्ति, अपने तरीके और अपनी स्थिति के अनुसार जो चाहे करते रहो, मैं भी अपने तरीके और अपने रब की दी हुई ताक़त के साथ अपना काम करता रहूँगा। मैं तुम्हें एकेश्वरवाद (तौहीद) की ओर बुलाता रहूँगा और अपने प्रयास में डटा रहूँगा।" फिर उन्होंने उन्हें चेतावनी दी: "अनिवार्य रूप से तुम्हें जल्द ही पता चल जाएगा कि हममें से किस पर वह अज़ाब (यातना) आता है जो उसे अपमानित करेगा, और कौन झूठा है — मैं या तुम। यह बात सामने आ जाएगी कि सच्चा कौन है और झूठा कौन।" अंत में उन्होंने कहा: "तुम इंतज़ार करो, मैं भी तुम्हारे साथ इंतज़ार करता हूँ। मैं उस अज़ाब का इंतज़ार कर रहा हूँ जो तुम पर आएगा।" यह उनके लिए एक सख्त धमकी और कड़ी चेतावनी थी।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- सच्चाई पर डटे रहने में कोई डर नहीं होता — नबी और सच्चे लोग अपने विरोधियों के सामने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखते हैं।
- अच्छाई की ओर बुलाने वाले को अपने प्रयास में निरंतरता रखनी चाहिए, चाहे सामने वाले कितनी ही ज़िद और विरोध क्यों न करें।
- अंतिम फैसला अल्लाह के हाथ में है — सच्चाई और झूठ का भेद खुलकर सामने आएगा, और यही इस्लाम की सबसे बड़ी शक्ति है।
- अल्लाह के नबी अपनी क़ौम की बुराइयों से निराश नहीं होते, बल्कि उन्हें साफ़-साफ़ चेतावनी देते हैं — यही सच्चे नसीहत करने वाले का तरीका है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम सच्चाई पर हों, तो हमें अपने विरोधियों की धमकियों से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखते हुए अपने काम में लगे रहना चाहिए।
📜 आयत 91-95 — हूद
अनुवाद — हूद 93
सूरा हूद आयत 93 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ऐ मेरी क़ौम तुम अपनी जगह (जो चाहो) करो…सूरा आयत 93/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 91–95. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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