अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- رَحْلِهِ: उसका सामान, असबाब या काठी का बोरिया।
- جَزَاؤُهُ: उस (चोर) की सज़ा।
- نَجْزِي: हम बदला देते हैं, सज़ा देते हैं।
- الظَّالِمِينَ: अत्याचारी, ज़ालिम (यहाँ चोर)।
तफ़सीर:
जब हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के भाइयों ने यह देखा कि उनके सामान की तलाशी ली जा रही है और प्याला उनके छोटे भाई (बिन्यामीन) के असबाब से निकला, तो उन्होंने स्वयं कहा: "इस (चोरी) की सज़ा यही है कि जिसके सामान में (चोरी का सामान) पाया जाए, वही स्वयं (ग़ुलाम बनकर) उसकी सज़ा है।" अर्थात् हमारे यहाँ (हज़रत याक़ूब अलैहिस्सलाम के क़ानून में) चोर की सज़ा यह है कि उसे उस व्यक्ति को सौंप दिया जाए जिसका सामान चोरी हुआ है, ताकि वह उसे एक वर्ष तक ग़ुलाम बनाकर रखे। यह हमारी शरीअत में चोर की सज़ा है। फिर उन्होंने कहा: "इसी प्रकार हम अत्याचारियों (चोरों) को सज़ा देते हैं।" यह कहकर उन्होंने अपने धर्म (हज़रत याक़ूब के धर्म) के अनुसार फ़ैसला सुनाया, जबकि उन्हें यह नहीं मालूम था कि हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने यह सब एक चाल के तौर पर किया है ताकि अपने भाई को अपने पास रख सकें। इस प्रकार उन्होंने स्वयं ही वह फ़ैसला दे दिया जो हज़रत यूसुफ़ की मंशा के अनुकूल था।
फ़ायदे:
- इस आयत से पता चलता है कि चोरी एक गंभीर अपराध है, और हर समाज व शरीअत में इसके लिए सज़ा निर्धारित है, ताकि समाज में अमन और सुरक्षा बनी रहे।
- इस्लाम में चोर की सज़ा (हद) क़ुरआन और सुन्नत के अनुसार निर्धारित है, जो न्याय और हिकमत पर आधारित है, और यह सज़ा समाज के हित और लोगों के माल की हिफ़ाज़त के लिए है।
- अल्लाह तआला अपने नबियों की तदबीर और हिकमत से काम निकालता है, और जब बंदा अल्लाह पर भरोसा करता है, तो अल्लाह उसके कामों को आसान बना देता है।
- सच्चाई और ईमानदारी की तऱग़ीब दी गई है, क्योंकि चोरी और ख़ियानत ज़ुल्म है, और ज़ालिमों को अल्लाह के यहाँ सख़्त सज़ा का सामना करना पड़ता है, चाहे दुनिया में देर से ही सही।
- इस क़िस्से से यह भी सीख मिलती है कि मुसीबत और आज़माइश के वक़्त सब्र और अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि हर मुश्किल के बाद आसानी आती है, जैसा कि हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के हालात से ज़ाहिर है।
📜 आयत 73-77 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 75
सूरा यूसुफ आयत 75 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (वे धड़क) बोल उठे कि उसकी सज़ा ये है कि…सूरा आयत 75/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 73–77. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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