अर-राद · 8/43
अनुवाद उच्चारण — अर-राद
اللَّهُ يَعْلَمُ مَا تَحْمِلُ كُلُّ أُنثَىٰ وَمَا تَغِيضُ الْأَرْحَامُ وَمَا تَزْدَادُ ۖ وَكُلُّ شَيْءٍ عِندَهُ بِمِقْدَارٍ ۝٨
Allaahu ya`lamu maa tahmilu kullu unsaa wa maa tagheedul arhaamu wa maa tazdaad, wa kullu shai`in `indahoo bimiqdaar
📖 हिंदी अर्थ
और हर क़ौम के लिए एक हिदायत करने वाला है हर मादा जो कि पेट में लिए हुए है और उसको ख़ुदा ही जानता है व बच्चा दानियों का घटना बढ़ना (भी वही जानता है) और हर चीज़ उसके नज़दीक़ एक अन्दाजे से है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَحْمِلُ: गर्भ में धारण करती है।
  • تَغِيضُ: कम होना, घटना (यहाँ अर्थ: गर्भाशय का समय से पहले बच्चे को जन्म देना या गर्भ का गिर जाना)।
  • تَزْدَادُ: बढ़ना (यहाँ अर्थ: गर्भ की अवधि का बढ़ना, यानी नौ महीने से अधिक समय तक बच्चे का गर्भ में रहना)।
  • بِمِقْدَارٍ: एक निश्चित माप और अनुपात के साथ।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला को हर उस चीज़ का पूर्ण ज्ञान है जो हर माँ के गर्भ में पल रही है। वह जानता है कि वह बच्चा लड़का है या लड़की, पूर्ण है या अधूरा, सुंदर है या कुरूप, और उसका जीवन सुखी होगा या दुखी। वह उन सब बातों से अवगत है जो गर्भाशय में होती हैं—कभी गर्भ समय से पहले गिर जाता है या बच्चा सात या आठ महीने में पैदा हो जाता है, और कभी गर्भ की अवधि बढ़ जाती है और बच्चा नौ महीने से अधिक समय बाद जन्म लेता है। यह सब कमी और बढ़ोतरी अल्लाह के इल्म में पूरी तरह दर्ज है। इसी प्रकार, अल्लाह के पास हर चीज़ का एक निश्चित माप और अनुपात है—न तो कोई चीज़ उस माप से कम हो सकती है और न ही अधिक। हर चीज़ उसके ज्ञान और उसकी तक़दीर के अनुसार एक निर्धारित सीमा में चल रही है।

फ़ायदे (सीख):

  1. यह आयत हमें अल्लाह के असीम ज्ञान का एहसास कराती है—वह हर माँ के गर्भ के अंदर के रहस्यों को जानता है, जो किसी इंसान को नहीं मालूम होते। यह हमारे दिलों में अल्लाह की अज़मत और कुदरत का एहसास पैदा करता है।
  2. जब हमें यह यकीन हो जाए कि अल्लाह को हमारे बारे में सब कुछ मालूम है—हमारे अंदर के हालात, हमारी छिपी हुई बातें और हमारे भविष्य के हर पहलू—तो हमें अपने जीवन को उसकी मर्ज़ी के अनुसार ढालने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि वह हमारी हर छोटी-बड़ी बात से वाकिफ है।
  3. इस आयत में हर चीज़ के लिए अल्लाह द्वारा निर्धारित "मिक़दार" (माप) का ज़िक्र है। यह हमें सिखाता है कि इस दुनिया में कोई भी चीज़ बिना अल्लाह की इजाज़त और उसके निर्धारित नियमों के नहीं होती। इसलिए हमें अपने जीवन की हर परिस्थिति—चाहे वह खुशी हो या गम—को अल्लाह की तरफ से आई हुई मानकर सब्र और शुक्र के साथ गुज़ारना चाहिए।
  4. यह आयत इंसान को अल्लाह पर पूरा भरोसा करने की तालीम देती है, क्योंकि जो अल्लाह गर्भ के अंदर के रहस्यों को जानता है, वही हमारी ज़िंदगी के हर मामले का सबसे अच्छा प्रबंधक है। उस पर भरोसा करने वाला कभी निराश नहीं होता।


📜 आयत 6-10 — अर-राद

6وَيَسْتَعْجِلُونَكَ بِالسَّيِّئَةِ قَبْلَ الْحَسَنَةِ وَقَدْ خَلَتْ مِن قَبْلِهِمُ الْمَثُلَاتُ ۗ وَإِنَّ رَبَّكَ لَذُو مَغْفِرَةٍ لِّلنَّاسِ عَلَىٰ ظُلْمِهِمْ ۖ وَإِنَّ رَبَّكَ لَشَدِيدُ الْعِقَابِ
और (ऐ रसूल) ये लोग तुम से भलाई के क़ब्ल ही बुराई (अज़ाब) की जल्दी मचा रहे हैं हालॉकि उनके पहले (बहुत से लोगों की) सज़ाएं हो चुकी हैं और इसमें शक़ नहीं की तुम्हारा परवरदिगार बावजूद उनकी शरारत के लोगों पर बड़ा बख़शिश (करम) वाला है और इसमें भी शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन सख्त अज़ाब वाला है
7وَيَقُولُ الَّذِينَ كَفَرُوا لَوْلَا أُنزِلَ عَلَيْهِ آيَةٌ مِّن رَّبِّهِ ۗ إِنَّمَا أَنتَ مُنذِرٌ ۖ وَلِكُلِّ قَوْمٍ هَادٍ
और वो लोग काफिर हैं कहते हैं कि इस शख़्श (मोहम्मद) पर उसके परवरदिगार की तरफ से कोई निशानी (हमारी मर्ज़ी के मुताबिक़) क्यों नहीं नाज़िल की जाती ऐ रसूल तुम तो सिर्फ (ख़ौफे ख़ुदा से) डराने वाले हो
8اللَّهُ يَعْلَمُ مَا تَحْمِلُ كُلُّ أُنثَىٰ وَمَا تَغِيضُ الْأَرْحَامُ وَمَا تَزْدَادُ ۖ وَكُلُّ شَيْءٍ عِندَهُ بِمِقْدَارٍ
और हर क़ौम के लिए एक हिदायत करने वाला है हर मादा जो कि पेट में लिए हुए है और उसको ख़ुदा ही जानता है व बच्चा दानियों का घटना बढ़ना (भी वही जानता है) और हर चीज़ उसके नज़दीक़ एक अन्दाजे से है
9عَالِمُ الْغَيْبِ وَالشَّهَادَةِ الْكَبِيرُ الْمُتَعَالِ
(वही) बातिन (छुपे हुवे) व ज़ाहिर का जानने वाला (सब से) बड़ा और आलीशान है
10سَوَاءٌ مِّنكُم مَّنْ أَسَرَّ الْقَوْلَ وَمَن جَهَرَ بِهِ وَمَنْ هُوَ مُسْتَخْفٍ بِاللَّيْلِ وَسَارِبٌ بِالنَّهَارِ
तुम लोगों में जो कोई चुपके से बात कहे और जो शख़्श ज़ोर से पुकार के बोले और जो शख़्श रात की तारीक़ी (अंधेरे) में छुपा बैठा हो और जो शख़्श दिन दहाडें चला जा रहा हो
अर-रादकुरान सूची
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8आयत

अनुवाद — अर-राद 8

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Tuesday, August 18, 2026

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