Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَحْمِلُ: गर्भ में धारण करती है।
- تَغِيضُ: कम होना, घटना (यहाँ अर्थ: गर्भाशय का समय से पहले बच्चे को जन्म देना या गर्भ का गिर जाना)।
- تَزْدَادُ: बढ़ना (यहाँ अर्थ: गर्भ की अवधि का बढ़ना, यानी नौ महीने से अधिक समय तक बच्चे का गर्भ में रहना)।
- بِمِقْدَارٍ: एक निश्चित माप और अनुपात के साथ।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला को हर उस चीज़ का पूर्ण ज्ञान है जो हर माँ के गर्भ में पल रही है। वह जानता है कि वह बच्चा लड़का है या लड़की, पूर्ण है या अधूरा, सुंदर है या कुरूप, और उसका जीवन सुखी होगा या दुखी। वह उन सब बातों से अवगत है जो गर्भाशय में होती हैं—कभी गर्भ समय से पहले गिर जाता है या बच्चा सात या आठ महीने में पैदा हो जाता है, और कभी गर्भ की अवधि बढ़ जाती है और बच्चा नौ महीने से अधिक समय बाद जन्म लेता है। यह सब कमी और बढ़ोतरी अल्लाह के इल्म में पूरी तरह दर्ज है। इसी प्रकार, अल्लाह के पास हर चीज़ का एक निश्चित माप और अनुपात है—न तो कोई चीज़ उस माप से कम हो सकती है और न ही अधिक। हर चीज़ उसके ज्ञान और उसकी तक़दीर के अनुसार एक निर्धारित सीमा में चल रही है।
फ़ायदे (सीख):
- यह आयत हमें अल्लाह के असीम ज्ञान का एहसास कराती है—वह हर माँ के गर्भ के अंदर के रहस्यों को जानता है, जो किसी इंसान को नहीं मालूम होते। यह हमारे दिलों में अल्लाह की अज़मत और कुदरत का एहसास पैदा करता है।
- जब हमें यह यकीन हो जाए कि अल्लाह को हमारे बारे में सब कुछ मालूम है—हमारे अंदर के हालात, हमारी छिपी हुई बातें और हमारे भविष्य के हर पहलू—तो हमें अपने जीवन को उसकी मर्ज़ी के अनुसार ढालने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि वह हमारी हर छोटी-बड़ी बात से वाकिफ है।
- इस आयत में हर चीज़ के लिए अल्लाह द्वारा निर्धारित "मिक़दार" (माप) का ज़िक्र है। यह हमें सिखाता है कि इस दुनिया में कोई भी चीज़ बिना अल्लाह की इजाज़त और उसके निर्धारित नियमों के नहीं होती। इसलिए हमें अपने जीवन की हर परिस्थिति—चाहे वह खुशी हो या गम—को अल्लाह की तरफ से आई हुई मानकर सब्र और शुक्र के साथ गुज़ारना चाहिए।
- यह आयत इंसान को अल्लाह पर पूरा भरोसा करने की तालीम देती है, क्योंकि जो अल्लाह गर्भ के अंदर के रहस्यों को जानता है, वही हमारी ज़िंदगी के हर मामले का सबसे अच्छा प्रबंधक है। उस पर भरोसा करने वाला कभी निराश नहीं होता।
📜 आयत 6-10 — सूरा अर-राद
अनुवाद — अर-राद 8
सूरा अर-राद आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हर क़ौम के लिए एक हिदायत करने वाला है…सूरा आयत 8/43 — सूरा अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-राद सुनें, सूरा अर-राद अनुवाद, सूरा अर-राद mp3, सूरा अर-राद pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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