इब्राहीम · 39/52
अनुवाद उच्चारण — सूरा इब्राहीम
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي وَهَبَ لِي عَلَى الْكِبَرِ إِسْمَاعِيلَ وَإِسْحَاقَ ۚ إِنَّ رَبِّي لَسَمِيعُ الدُّعَاءِ ۝٣٩
Alhamdu lillaahil lazee wahaba lee `alal kibari Ismaa`eela wa Ishaaq; inna Rabbee lasamee`ud du`aaa
📖 हिंदी अर्थ
जिसने मुझे बुढ़ापा आने पर इस्माईल व इसहाक़ (दो फरज़न्द) अता किए इसमें तो शक़ नहीं कि मेरा परवरदिगार दुआ का सुनने वाला है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَهَبَ لِي: मुझे प्रदान किया, मुझे दिया।
  • عَلَى الْكِبَرِ: बुढ़ापे की अवस्था में, अधिक आयु में।
  • إِسْمَاعِيلَ وَإِسْحَاقَ: हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के दो बेटे — इस्माईल (हाजिरा से) और इस्हाक़ (सारा से)।
  • لَسَمِيعُ الدُّعَاءِ: दुआ सुनने वाला, दुआ को क़बूल करने वाला।

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम अपने रब की तारीफ़ और शुक्र अदा करते हुए कहते हैं: सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने मुझे बुढ़ापे की अवस्था में इस्माईल और इस्हाक़ जैसे नेक बेटे प्रदान किए। यह उनके लिए अल्लाह की ओर से एक बहुत बड़ा उपहार और करिश्मा था, क्योंकि उन्होंने बुढ़ापे में संतान की दुआ माँगी थी, और अल्लाह ने उनकी दुआ को क़बूल करके उन्हें ये दोनों बेटे दिए। वे यह भी बताते हैं कि मेरा रब दुआ सुनने वाला है — वह अपने बंदों की पुकार को सुनता है और उसे क़बूल करता है। इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी दुआ में यह माँगा था कि अल्लाह उन्हें नेक संतान प्रदान करे, और अल्लाह ने उन्हें न केवल संतान दी, बल्कि वह संतान नेक और पैग़म्बर बनी — यह अल्लाह की विशेष कृपा थी। यहाँ उनका उद्देश्य यह है कि अल्लाह की शक्ति और उसकी दया की कोई सीमा नहीं है, और वह हर दुआ सुनने और क़बूल करने वाला है।


फ़ायदे (सबक):

  1. अल्लाह की तारीफ़ और शुक्र: हमें हर नेमत (अच्छाई) पर अल्लाह की तारीफ़ और शुक्र अदा करना चाहिए, जैसे इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने संतान मिलने पर अल्लाह की तारीफ़ की।
  2. दुआ की अहमियत: यह आयत हमें सिखाती है कि दुआ करना बहुत बड़ी इबादत है, और अल्लाह अपने बंदों की दुआएँ सुनता है और क़बूल करता है। बुढ़ापे में भी दुआ का असर होता है, क्योंकि अल्लाह की कुदरत की कोई सीमा नहीं।
  3. अल्लाह पर भरोसा: जब हम अल्लाह से माँगते हैं, तो हमें पूरा यक़ीन रखना चाहिए कि वह हमारी सुनता है और अपनी हिकमत से हमें अता करता है।
  4. नेक संतान की दुआ: हमें चाहिए कि हम अपनी संतान के लिए नेकी और सलाह की दुआ करें, जैसे इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने की थी, ताकि हमारी संतान दुनिया और आख़िरत दोनों में हमारे लिए सहारा बने।
  5. अल्लाह की नेमतों की याद: यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की दी हुई नेमतों को याद करें और उन पर शुक्र करें, क्योंकि शुक्र अदा करने से नेमतें बढ़ती हैं।


📜 आयत 37-41 — सूरा इब्राहीम

37رَّبَّنَا إِنِّي أَسْكَنتُ مِن ذُرِّيَّتِي بِوَادٍ غَيْرِ ذِي زَرْعٍ عِندَ بَيْتِكَ الْمُحَرَّمِ رَبَّنَا لِيُقِيمُوا الصَّلَاةَ فَاجْعَلْ أَفْئِدَةً مِّنَ النَّاسِ تَهْوِي إِلَيْهِمْ وَارْزُقْهُم مِّنَ الثَّمَرَاتِ لَعَلَّهُمْ يَشْكُرُونَ
ऐ हमारे पालने वाले मैने तेरे मुअज़िज़ (इज्ज़त वाले) घर (काबे) के पास एक बेखेती के (वीरान) बियाबान (मक्का) में अपनी कुछ औलाद को (लाकर) बसाया है ताकि ऐ हमारे पालने वाले ये लोग बराबर यहाँ नमाज़ पढ़ा करें तो तू कुछ लोगों के दिलों को उनकी तरफ माएल कर (ताकि वह यहाँ आकर आबाद हों) और उन्हें तरह तरह के फलों से रोज़ी अता कर ताकि ये लोग (तेरा) शुक्र करें
38رَبَّنَا إِنَّكَ تَعْلَمُ مَا نُخْفِي وَمَا نُعْلِنُ ۗ وَمَا يَخْفَىٰ عَلَى اللَّهِ مِن شَيْءٍ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ
ऐ हमारे पालने वाले जो कुछ हम छिपाते हैं और जो कुछ ज़ाहिर करते हैं तू (सबसे) खूब वाक़िफ है और ख़ुदा से तो कोई चीज़ छिपी नहीं (न) ज़मीन में और न आसमान में उस ख़ुदा का (लाख लाख) शुक्र है
39الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي وَهَبَ لِي عَلَى الْكِبَرِ إِسْمَاعِيلَ وَإِسْحَاقَ ۚ إِنَّ رَبِّي لَسَمِيعُ الدُّعَاءِ
जिसने मुझे बुढ़ापा आने पर इस्माईल व इसहाक़ (दो फरज़न्द) अता किए इसमें तो शक़ नहीं कि मेरा परवरदिगार दुआ का सुनने वाला है
40رَبِّ اجْعَلْنِي مُقِيمَ الصَّلَاةِ وَمِن ذُرِّيَّتِي ۚ رَبَّنَا وَتَقَبَّلْ دُعَاءِ
(ऐ मेरे पालने वाले मुझे और मेरी औलाद को (भी) नमाज़ का पाबन्द बना दे और ऐ मेरे पालने वाले मेरी दुआ क़ुबूल फरमा
41رَبَّنَا اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِلْمُؤْمِنِينَ يَوْمَ يَقُومُ الْحِسَابُ
ऐ हमारे पालने वाले जिस दिन (आमाल का) हिसाब होने लगे मुझको और मेरे माँ बाप को और सारे ईमानदारों को तू बख्श दे
इब्राहीमकुरान सूची
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39आयत

अनुवाद — इब्राहीम 39

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सूरा आयत 39/52 — सूरा इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा इब्राहीम सुनें, सूरा इब्राहीम अनुवाद, सूरा इब्राहीम mp3, सूरा इब्राहीम pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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