अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَهَبَ لِي: मुझे प्रदान किया, मुझे दिया।
- عَلَى الْكِبَرِ: बुढ़ापे की अवस्था में, अधिक आयु में।
- إِسْمَاعِيلَ وَإِسْحَاقَ: हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के दो बेटे — इस्माईल (हाजिरा से) और इस्हाक़ (सारा से)।
- لَسَمِيعُ الدُّعَاءِ: दुआ सुनने वाला, दुआ को क़बूल करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम अपने रब की तारीफ़ और शुक्र अदा करते हुए कहते हैं: सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने मुझे बुढ़ापे की अवस्था में इस्माईल और इस्हाक़ जैसे नेक बेटे प्रदान किए। यह उनके लिए अल्लाह की ओर से एक बहुत बड़ा उपहार और करिश्मा था, क्योंकि उन्होंने बुढ़ापे में संतान की दुआ माँगी थी, और अल्लाह ने उनकी दुआ को क़बूल करके उन्हें ये दोनों बेटे दिए। वे यह भी बताते हैं कि मेरा रब दुआ सुनने वाला है — वह अपने बंदों की पुकार को सुनता है और उसे क़बूल करता है। इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी दुआ में यह माँगा था कि अल्लाह उन्हें नेक संतान प्रदान करे, और अल्लाह ने उन्हें न केवल संतान दी, बल्कि वह संतान नेक और पैग़म्बर बनी — यह अल्लाह की विशेष कृपा थी। यहाँ उनका उद्देश्य यह है कि अल्लाह की शक्ति और उसकी दया की कोई सीमा नहीं है, और वह हर दुआ सुनने और क़बूल करने वाला है।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की तारीफ़ और शुक्र: हमें हर नेमत (अच्छाई) पर अल्लाह की तारीफ़ और शुक्र अदा करना चाहिए, जैसे इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने संतान मिलने पर अल्लाह की तारीफ़ की।
- दुआ की अहमियत: यह आयत हमें सिखाती है कि दुआ करना बहुत बड़ी इबादत है, और अल्लाह अपने बंदों की दुआएँ सुनता है और क़बूल करता है। बुढ़ापे में भी दुआ का असर होता है, क्योंकि अल्लाह की कुदरत की कोई सीमा नहीं।
- अल्लाह पर भरोसा: जब हम अल्लाह से माँगते हैं, तो हमें पूरा यक़ीन रखना चाहिए कि वह हमारी सुनता है और अपनी हिकमत से हमें अता करता है।
- नेक संतान की दुआ: हमें चाहिए कि हम अपनी संतान के लिए नेकी और सलाह की दुआ करें, जैसे इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने की थी, ताकि हमारी संतान दुनिया और आख़िरत दोनों में हमारे लिए सहारा बने।
- अल्लाह की नेमतों की याद: यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की दी हुई नेमतों को याद करें और उन पर शुक्र करें, क्योंकि शुक्र अदा करने से नेमतें बढ़ती हैं।
📜 आयत 37-41 — इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 39
सूरा इब्राहीम आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसने मुझे बुढ़ापा आने पर इस्माईल व इसहाक़ (दो फरज़न्द)…सूरा आयत 39/52 — इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: इब्राहीम सुनें, इब्राहीम अनुवाद, इब्राहीम mp3, इब्राहीम pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








