अन-नहल · 121/128
अनुवाद उच्चारण — अन-नहल
شَاكِرًا لِّأَنْعُمِهِ ۚ اجْتَبَاهُ وَهَدَاهُ إِلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ ۝١٢١
Shaakiral li an`umih; ijtabaahu wa hadaahu ilaa Siraatim Muustaqeem
📖 हिंदी अर्थ
उसकी नेअमतों के शुक्र गुज़ार उनको ख़ुदा ने मुनतख़िब कर लिया है और (अपनी) सीधी राह की उन्हें हिदायत की थी

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • شَاكِرًا لِّأَنْعُمِهِ: उसकी नेमतों का शुक्र अदा करने वाला।
  • اجْتَبَاهُ: उसे चुन लिया, अपनी विशेष रहमत और नबुव्वत के लिए चुन लिया।
  • صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ: सीधा रास्ता, यानी इस्लाम का दीन।

तफसीर:

हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) अल्लाह की नेमतों के शुक्रगुज़ार बंदे थे। वह हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करते थे और उसकी नेमतों को पहचानते थे। अल्लाह ने उन्हें अपनी नबुव्वत के लिए चुन लिया और उन्हें सीधे रास्ते की हिदायत दी, यानी उन्हें इस्लाम के सच्चे दीन, तौहीद और इब्राहीमी मिल्लत पर चलने की तौफ़ीक़ दी। यह हिदायत उनके लिए अल्लाह की ख़ास रहमत थी, जो उनके शुक्र और इताअत की बदौलत उन्हें मिली। उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी अल्लाह के हुक्मों के आगे सर झुकाए रखा और उसी के बताए रास्ते पर चलते रहे।

फ़ायदे:

  1. शुक्र अदा करना अल्लाह की नेमतों को बढ़ाने का ज़रिया है। जो बंदा अल्लाह का शुक्र अदा करता है, अल्लाह उसे और नेमतें देता है और उसके दिल में नेमतों की क़द्र पैदा करता है।
  2. अल्लाह अपने शुक्रगुज़ार और फरमाँबरदार बंदों को अपनी ख़ास रहमत और हिदायत से नवाज़ता है, जैसा कि हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के साथ हुआ।
  3. सीधा रास्ता पाना अल्लाह की तरफ़ से इनायत है, और यह उन्हीं को मिलता है जो सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ़ रुजू करते हैं।
  4. हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की सीरत हमारे लिए नमूना है — हमें भी उनकी तरह अल्लाह के शुक्रगुज़ार, उसकी इताअत करने वाले और सीधे रास्ते पर चलने वाले बनना चाहिए।


📜 आयत 119-123 — अन-नहल

119ثُمَّ إِنَّ رَبَّكَ لِلَّذِينَ عَمِلُوا السُّوءَ بِجَهَالَةٍ ثُمَّ تَابُوا مِن بَعْدِ ذَٰلِكَ وَأَصْلَحُوا إِنَّ رَبَّكَ مِن بَعْدِهَا لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ
मगर वह लोग खुद अपने ऊपर सितम तोड़ रहे हैं फिर इसमे शक़ नहीं कि जो लोग नादानी से गुनाह कर बैठे उसके बाद सदक़ दिल से तौबा कर ली और अपने को दुरुस्त कर लिया तो (ऐ रसूल) इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार इसके बाद बख्शने वाला मेहरबान है
120إِنَّ إِبْرَاهِيمَ كَانَ أُمَّةً قَانِتًا لِّلَّهِ حَنِيفًا وَلَمْ يَكُ مِنَ الْمُشْرِكِينَ
इसमें शक़ नहीं कि इबराहीम (लोगों के) पेशवा ख़ुदा के फरमाबरदार बन्दे और बातिल से कतरा कर चलने वाले थे और मुशरेकीन से हरगिज़ न थे
121شَاكِرًا لِّأَنْعُمِهِ ۚ اجْتَبَاهُ وَهَدَاهُ إِلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ
उसकी नेअमतों के शुक्र गुज़ार उनको ख़ुदा ने मुनतख़िब कर लिया है और (अपनी) सीधी राह की उन्हें हिदायत की थी
122وَآتَيْنَاهُ فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً ۖ وَإِنَّهُ فِي الْآخِرَةِ لَمِنَ الصَّالِحِينَ
और हमने उन्हें दुनिया में भी (हर तरह की) बेहतरी अता की थी
123ثُمَّ أَوْحَيْنَا إِلَيْكَ أَنِ اتَّبِعْ مِلَّةَ إِبْرَاهِيمَ حَنِيفًا ۖ وَمَا كَانَ مِنَ الْمُشْرِكِينَ
और वह आख़िरत में भी यक़ीनन नेको कारों से होगें ऐ रसूल फिर तुम्हारे पास वही भेजी कि इबराहीम के तरीक़े की पैरवी करो जो बातिल से कतरा के चलते थे और मुशरेकीन से नहीं थे
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अनुवाद — अन-नहल 121

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Tuesday, August 18, 2026

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