Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- صَبَرُوا – उन्होंने धैर्य रखा (अल्लाह के आदेशों पर अमल करने में, उसकी मनाही से बचने में, और कष्टदायक तक़दीर पर)
- يَتَوَكَّلُونَ – वे भरोसा करते हैं, अपने सारे मामले अल्लाह को सौंप देते हैं
व्याख्या:
ये वे लोग हैं जिन्होंने अल्लाह की राह में हिजरत (प्रवास) किया और अपने घर-बार, रिश्तेदारों और वतन को छोड़ा। उन्होंने अपने समुदाय के लोगों की ओर से होने वाले कष्टों और अत्याचारों पर धैर्य रखा। उन्होंने अल्लाह के आदेशों का पालन करने में, उसके द्वारा मना की गई चीज़ों से बचने में, और उसकी ओर से आने वाली कठिन परिस्थितियों पर भी सब्र किया। साथ ही, वे अपने सारे मामलों में केवल अपने रब पर भरोसा रखते हैं, उसी पर अपना पूरा भरोसा टिकाते हैं और उसी को अपने सारे कार्य सौंप देते हैं। यही वह गुण है जिसके कारण उन्हें यह महान पद और उत्तम प्रतिफल प्राप्त हुआ।
शिक्षाएँ और लाभ:
- धैर्य (सब्र) और तवक्कुल (अल्लाह पर भरोसा) — ये दो ऐसे गुण हैं जो मुसलमान को हर मुसीबत में मज़बूत बनाते हैं। जब इंसान इन दोनों को अपना लेता है, तो उसे कोई भी कठिनाई विचलित नहीं कर सकती।
- अल्लाह पर सच्चा भरोसा ही इंसान को हर परिस्थिति में सुकून और संतोष प्रदान करता है। जो व्यक्ति अपने रब पर भरोसा करता है, उसे किसी और की मदद की आवश्यकता नहीं रहती।
- यह आयत हमें सिखाती है कि धार्मिक मामलों में कष्ट सहना और अल्लाह की राह में त्याग करना कोई बेकार नहीं जाता — अल्लाह ऐसे लोगों को बेहतरीन बदला देता है।
- सब्र और तवक्कुल का संगम ही वास्तविक ईमान की पहचान है। ये दोनों गुण इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों में सफलता दिलाते हैं।
- यह आयत उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अल्लाह की राह में घर-बार छोड़ने या कष्ट उठाने पर मजबूर हों — उन्हें यकीन होना चाहिए कि अल्लाह उनके सब्र का अच्छा बदला देगा।
📜 आयत 40-44 — सूरा अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 42
सूरा अन-नहल आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपने परवरदिगार ही पर भरोसा रखते हैं (आख़िरत का…सूरा आयत 42/128 — सूरा अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नहल सुनें, सूरा अन-नहल अनुवाद, सूरा अन-नहल mp3, सूरा अन-नहल pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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