अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُسَخَّرَاتٍ: वशीभूत, आज्ञाकारी, उड़ने के लिए तैयार की गईं।
- جَوِّ السَّمَاءِ: आकाश का खुला विस्तार, धरती और आसमान के बीच की हवा।
- مَا يُمْسِكُهُنَّ: उन्हें (पक्षियों को) थामने वाला, उन्हें गिरने से रोकने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
क्या इन मुशरिकों ने आसमान के खुले विस्तार में उड़ते हुए पक्षियों पर ध्यान नहीं दिया? वे किस प्रकार अल्लाह के आदेश से उड़ने के लिए वशीभूत और तैयार हैं। अल्लाह ने उन्हें पंख दिए, हवा को हल्का बनाया और उन्हें पंखों को फैलाने और सिकोड़ने की प्रेरणा दी। वे बिना किसी सहारे के हवा में उड़ते हैं, फिर भी गिरते नहीं। उन्हें हवा में थामने वाला और गिरने से बचाने वाला केवल अल्लाह ही है, जो अपनी कुदरत से उन्हें संभाले हुए है। यह उड़ान और यह थामना—दोनों ही अल्लाह की महान शक्ति के स्पष्ट प्रमाण हैं। इन निशानियों से वही लोग सबक लेते हैं जो अल्लाह पर ईमान रखते हैं, क्योंकि वे इन संकेतों से सीखते हैं और उनसे अल्लाह की कुदरत को पहचानते हैं। जिन लोगों के दिलों में ईमान नहीं होता, वे इन दृश्यों से कोई सबक नहीं लेते।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत अल्लाह की कुदरत और उसकी बेमिसाल रचना पर गहराई से सोचने की प्रेरणा देती है। पक्षियों की उड़ान जैसी सामान्य चीज़ में भी अल्लाह की अद्भुत शक्ति छिपी है।
- यह हमें सिखाती है कि सृष्टि की हर चीज़ में अल्लाह की निशानियाँ मौजूद हैं; बस ज़रूरत है देखने और सोचने की आँखों की।
- ईमान वालों के लिए यह आयत उनके विश्वास को मज़बूत करती है कि जो अल्लाह पक्षियों को हवा में थामे हुए है, वही उनके मामलों का संचालक और रक्षक है, और वह हर मुश्किल में उनकी मदद कर सकता है।
- यह आयत हमें अल्लाह की नेमतों को याद करने और उसके प्रति आभारी होने की तरफ़ भी ले जाती है, क्योंकि यही नेमतें हमें उसकी क़रीबी और मुहब्बत की ओर खींचती हैं।
📜 आयत 77-81 — सूरा अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 79
सूरा अन-नहल आयत 79 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या उन लोगों ने परिन्दों की तरफ ग़ौर नहीं किया…सूरा आयत 79/128 — सूरा अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नहल सुनें, सूरा अन-नहल अनुवाद, सूरा अन-नहल mp3, सूरा अन-नहल pdf. आयत 77–81. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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