अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- شَاكِلَتِهِ (शाकिलतिही): उसकी अपनी विधि, ढंग, प्रवृत्ति या राह।
- أَهْدَى سَبِيلًا (अहदा सबीलन): सबसे सीधी और स्पष्ट राह वाला, मार्गदर्शन में सबसे अग्रणी।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप लोगों से कह दीजिए कि हर इंसान अपनी अपनी प्रवृत्ति, अपने स्वभाव और अपने ढंग पर काम करता है। कोई अपनी अच्छी फितरत और नेक इरादों के कारण सीधी राह पर चलता है, तो कोई अपनी बुरी आदतों और गलत सोच के कारण गुमराही की राह अपनाता है। हर शख्स अपने अंदर की सोच, अपने इरादे और अपने मिजाज के मुताबिक अमल करता है—जिसका दिल साफ होता है वह अच्छे काम करता है, और जिसका दिल खराब होता है वह बुरे कामों में लगा रहता है।
फिर आप उन्हें बता दें कि तुम्हारा रब (पालनहार) सबसे बेहतर जानता है कि कौन सीधी और सच्ची राह पर है। वह हर इंसान के दिल का हाल जानता है, उसकी नीयत से वाकिफ है, और उसके अंजाम को भली-भांति समझता है। जो हिदायत (मार्गदर्शन) की राह पर चलता है, अल्लाह उसे जानता है और उसे अच्छा बदला देगा; और जो गुमराही में भटका है, वह भी अल्लाह से छिपा नहीं है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हर इंसान अपने कर्मों का जिम्मेदार है। हमें अपनी प्रवृत्ति को अच्छा बनाना चाहिए, अपने दिल को साफ रखना चाहिए, और अपने अमल को नेक बनाना चाहिए। अल्लाह तआला किसी पर ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि हर इंसान को उसकी नीयत और कर्मों के अनुसार बदला देता है। यह हमारे लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि अगर हम सच्चे दिल से सीधी राह पर चलने की कोशिश करें, तो अल्लाह हमें जानता है और हमारी मदद करता है। और अगर कोई गलती से भटक जाए, तो उसे चाहिए कि वह अल्लाह की ओर लौटे, क्योंकि अल्लाह तो सब कुछ जानने वाला और बड़ा क्षमाशील है।
📜 आयत 82-86 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 84
सूरा अल-इसरा आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि हर (एक अपने तरीक़े…सूरा आयत 84/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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