अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ज़ुबर: लोहे के बड़े-बड़े टुकड़े या कड़ियाँ।
- सदफ़ैन: दो पहाड़ों के किनारे जो आमने-सामने हों।
- क़ित्र: पिघला हुआ ताँबा (ताम्बा)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब धुल-क़रनैन ने दो पहाड़ों के बीच की दीवार बनाने का इरादा किया, तो उन्होंने अपने साथियों से कहा: "मेरे पास लोहे के बड़े-बड़े टुकड़े लाओ।" जब वे टुकड़े लाए गए, तो उन्होंने उन्हें एक के ऊपर एक रखकर दोनों पहाड़ों के बीच की खाली जगह को भरना शुरू किया। यहाँ तक कि जब उन्होंने उस निर्माण को दोनों पहाड़ों की चोटियों के बराबर कर दिया, तो उन्होंने अपने कारीगरों से कहा: "आग फूँको!" उन्होंने आग फूँकी, यहाँ तक कि वह लोहा पूरी तरह लाल-तप्त होकर आग की तरह हो गया। फिर उन्होंने कहा: "मेरे पास पिघला हुआ ताँबा लाओ, ताकि मैं इसे इस लोहे पर उँडेल दूँ।" चुनाँचे उन्होंने पिघला हुआ ताँबा डाला, जो लोहे की कड़ियों के बीच भर गया और उसे और अधिक मज़बूत बना दिया। इस तरह यह दीवार इतनी मज़बूत हुई कि या'जूज और मा'जूज उसे पार न कर सके और न ही उसमें सुराख़ कर सके।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि जब इंसान अपनी अक्ल, मेहनत और संसाधनों को अल्लाह की मदद के साथ जोड़ता है, तो वह असंभव काम भी कर सकता है। धुल-क़रनैन ने अपनी ताकत और हुनर का इस्तेमाल लोगों की हिफ़ाज़त के लिए किया, न कि तबाही के लिए। यह हमें सिखाता है कि ताकत और साधनों का सही इस्तेमाल इंसान को अल्लाह का नेक बंदा बनाता है। साथ ही, यह भी याद दिलाता है कि दुनिया की कोई भी दीवार हमेशा नहीं रहती—जब अल्लाह का वादा आएगा, यह दीवार भी ढह जाएगी। इसलिए हमें अपनी तैयारी के साथ-साथ अल्लाह की याद और उसकी ताक़त पर भरोसा रखना चाहिए। यह क़िस्सा हमें बताता है कि नेक इरादे और अच्छे कामों से अल्लाह दुनिया में भी इंसान की मदद करता है और आख़िरत में भी।
📜 आयत 94-98 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 96
सूरा अल-कहफ आयत 96 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (अच्छा तो) मुझे (कहीं से) लोहे की सिले ला दो…सूरा आयत 96/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 94–98. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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