अल-कहफ · 96/110
अनुवाद उच्चारण — अल-कहफ
آتُونِي زُبَرَ الْحَدِيدِ ۖ حَتَّىٰ إِذَا سَاوَىٰ بَيْنَ الصَّدَفَيْنِ قَالَ انفُخُوا ۖ حَتَّىٰ إِذَا جَعَلَهُ نَارًا قَالَ آتُونِي أُفْرِغْ عَلَيْهِ قِطْرًا ۝٩٦
Aatoonee zubaral hadeed, hattaaa izaa saawaa bainas sadafaini qaalan fukhoo hattaaa izaa ja`alahoo naaran qaala aatooneee ufrigh `alaihi qitraa
📖 हिंदी अर्थ
(अच्छा तो) मुझे (कहीं से) लोहे की सिले ला दो (चुनान्चे वह लोग) लाए और एक बड़ी दीवार बनाई यहाँ तक कि जब दोनो कंगूरो के दरमेयान (दीवार) को बुलन्द करके उनको बराबर कर दिया तो उनको हुक्म दिया कि इसके गिर्द आग लगाकर धौको यहां तक उसको (धौंकते-धौंकते) लाल अंगारा बना दिया

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ज़ुबर: लोहे के बड़े-बड़े टुकड़े या कड़ियाँ।
  • सदफ़ैन: दो पहाड़ों के किनारे जो आमने-सामने हों।
  • क़ित्र: पिघला हुआ ताँबा (ताम्बा)।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब धुल-क़रनैन ने दो पहाड़ों के बीच की दीवार बनाने का इरादा किया, तो उन्होंने अपने साथियों से कहा: "मेरे पास लोहे के बड़े-बड़े टुकड़े लाओ।" जब वे टुकड़े लाए गए, तो उन्होंने उन्हें एक के ऊपर एक रखकर दोनों पहाड़ों के बीच की खाली जगह को भरना शुरू किया। यहाँ तक कि जब उन्होंने उस निर्माण को दोनों पहाड़ों की चोटियों के बराबर कर दिया, तो उन्होंने अपने कारीगरों से कहा: "आग फूँको!" उन्होंने आग फूँकी, यहाँ तक कि वह लोहा पूरी तरह लाल-तप्त होकर आग की तरह हो गया। फिर उन्होंने कहा: "मेरे पास पिघला हुआ ताँबा लाओ, ताकि मैं इसे इस लोहे पर उँडेल दूँ।" चुनाँचे उन्होंने पिघला हुआ ताँबा डाला, जो लोहे की कड़ियों के बीच भर गया और उसे और अधिक मज़बूत बना दिया। इस तरह यह दीवार इतनी मज़बूत हुई कि या'जूज और मा'जूज उसे पार न कर सके और न ही उसमें सुराख़ कर सके।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि जब इंसान अपनी अक्ल, मेहनत और संसाधनों को अल्लाह की मदद के साथ जोड़ता है, तो वह असंभव काम भी कर सकता है। धुल-क़रनैन ने अपनी ताकत और हुनर का इस्तेमाल लोगों की हिफ़ाज़त के लिए किया, न कि तबाही के लिए। यह हमें सिखाता है कि ताकत और साधनों का सही इस्तेमाल इंसान को अल्लाह का नेक बंदा बनाता है। साथ ही, यह भी याद दिलाता है कि दुनिया की कोई भी दीवार हमेशा नहीं रहती—जब अल्लाह का वादा आएगा, यह दीवार भी ढह जाएगी। इसलिए हमें अपनी तैयारी के साथ-साथ अल्लाह की याद और उसकी ताक़त पर भरोसा रखना चाहिए। यह क़िस्सा हमें बताता है कि नेक इरादे और अच्छे कामों से अल्लाह दुनिया में भी इंसान की मदद करता है और आख़िरत में भी।



📜 आयत 94-98 — अल-कहफ

94قَالُوا يَا ذَا الْقَرْنَيْنِ إِنَّ يَأْجُوجَ وَمَأْجُوجَ مُفْسِدُونَ فِي الْأَرْضِ فَهَلْ نَجْعَلُ لَكَ خَرْجًا عَلَىٰ أَن تَجْعَلَ بَيْنَنَا وَبَيْنَهُمْ سَدًّا
उन लोगों ने मुतरज्जिम के ज़रिए से अर्ज़ की ऐ ज़ुलकरनैन (इसी घाटी के उधर याजूज माजूज की क़ौम है जो) मुल्क में फ़साद फैलाया करते हैं तो अगर आप की इजाज़त हो तो हम लोग इस ग़र्ज़ से आपसे पास चन्दा जमा करें कि आप हमारे और उनके दरमियान कोई दीवार बना दें
95قَالَ مَا مَكَّنِّي فِيهِ رَبِّي خَيْرٌ فَأَعِينُونِي بِقُوَّةٍ أَجْعَلْ بَيْنَكُمْ وَبَيْنَهُمْ رَدْمًا
जुलकरनैन ने कहा कि मेरे परवरदिगार ने ख़र्च की जो कुदरत मुझे दे रखी है वह (तुम्हारे चन्दे से) कहीं बेहतर है (माल की ज़रूरत नहीं) तुम फक़त मुझे क़ूवत से मदद दो तो मैं तुम्हारे और उनके दरमियान एक रोक बना दूँ
96آتُونِي زُبَرَ الْحَدِيدِ ۖ حَتَّىٰ إِذَا سَاوَىٰ بَيْنَ الصَّدَفَيْنِ قَالَ انفُخُوا ۖ حَتَّىٰ إِذَا جَعَلَهُ نَارًا قَالَ آتُونِي أُفْرِغْ عَلَيْهِ قِطْرًا
(अच्छा तो) मुझे (कहीं से) लोहे की सिले ला दो (चुनान्चे वह लोग) लाए और एक बड़ी दीवार बनाई यहाँ तक कि जब दोनो कंगूरो के दरमेयान (दीवार) को बुलन्द करके उनको बराबर कर दिया तो उनको हुक्म दिया कि इसके गिर्द आग लगाकर धौको यहां तक उसको (धौंकते-धौंकते) लाल अंगारा बना दिया
97فَمَا اسْطَاعُوا أَن يَظْهَرُوهُ وَمَا اسْتَطَاعُوا لَهُ نَقْبًا
तो कहा कि अब हमको ताँबा दो कि इसको पिघलाकर इस दीवार पर उँडेल दें (ग़रज़) वह ऐसी ऊँची मज़बूत दीवार बनी कि न तो याजूज व माजूज उस पर चढ़ ही सकते थे और न उसमें नक़ब लगा सकते थे
98قَالَ هَٰذَا رَحْمَةٌ مِّن رَّبِّي ۖ فَإِذَا جَاءَ وَعْدُ رَبِّي جَعَلَهُ دَكَّاءَ ۖ وَكَانَ وَعْدُ رَبِّي حَقًّا
जुलक़रनैन ने (दीवार को देखकर) कहा ये मेरे परवरदिगार की मेहरबानी है मगर जब मेरे परवरदिगार का वायदा (क़यामत) आयेगा तो इसे ढहा कर हमवार कर देगा और मेरे परवरदिगार का वायदा सच्चा है
अल-कहफकुरान सूची
110आयत
मक्कीRevelation
96आयत

अनुवाद — अल-कहफ 96

सूरा अल-कहफ आयत 96 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (अच्छा तो) मुझे (कहीं से) लोहे की सिले ला दो…

सूरा आयत 96/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 94–98. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए