अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اسْطَاعُوا / اسْتَطَاعُوا: वे सामर्थ्य नहीं रखते थे, शक्ति नहीं पा सकते थे।
- يَظْهَرُوهُ: उस (दीवार) के ऊपर चढ़ना, उस पर चढ़कर पार जाना।
- نَقْبًا: छेद करना, सुराख़ बनाना, तोड़ना।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब ज़ुल-क़रनैन ने लोहे और ताँबे का यह अटूट सरहद (दीवार) तैयार कर दी, तो याजूज और माजूज की जंगली और उग्र क़ौमें उस पर चढ़ने या उसे तोड़ने की हर कोशिश में नाकाम रहीं। वे न तो उसके ऊपर चढ़ सके, क्योंकि वह बहुत ऊँची, چکनी और फिसलन भरी थी—उस पर पैर जमाना नामुमकिन था। और न ही वे उसके नीचे से सुराख़ कर सके, क्योंकि वह इतनी मोटी, मज़बूत और सख़्त थी कि उसमें कोई दरार नहीं आ सकती थी। यह अल्लाह की क़ुदरत का नमूना था कि एक इंसान ने उसके हुक्म से ऐसी रुकावट खड़ी कर दी जो उन ताकतवर और बड़ी क़ौमों के लिए नाकाबिल-ए-गुज़ार बन गई।
यहाँ से हमें सीख मिलती है कि जब इंसान अल्लाह पर भरोसा करके, उसकी दी हुई ताक़त और ज़रिया इस्तेमाल करता है, तो अल्लाह उसे ऐसी कामयाबी देता है जो दुनिया की बड़ी से बड़ी ताक़तों के लिए भी नामुमकिन होती है। यह सिर्फ़ एक दीवार की कहानी नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए निशानी है जो अल्लाह की राह में क़दम उठाता है—अल्लाह उसके लिए ऐसे रास्ते खोलता है और ऐसी हिफ़ाज़त करता है जिसका उसे गुमान भी नहीं होता।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की तरफ़ से आने वाली हर चीज़—चाहे वह दुनिया की ताक़त हो या दीन की हिफ़ाज़त—अपने वक़्त पर आती है और उसके हुक्म के बग़ैर कोई उसे बदल नहीं सकता। जब वादा पूरा होगा, तो यही दीवार ढह जाएगी, क्योंकि अल्लाह का वादा सच्चा है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की निशानियों पर ग़ौर करें, उसकी क़ुदरत पर यक़ीन रखें और उसकी इबादत में मशग़ूल रहें—क्योंकि वही सबसे बड़ा हिफ़ाज़त करने वाला और ताक़त देने वाला है।
📜 आयत 95-99 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 97
सूरा अल-कहफ आयत 97 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो कहा कि अब हमको ताँबा दो कि इसको पिघलाकर…सूरा आयत 97/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 95–99. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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