अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- سَرِيًّا: छोटी नदी या पानी की धारा (जलधारा)।
तफ़सीर:
जब मरियम (अलैहिस्सलाम) ने इस कठिन घड़ी में अकेलेपन और चिंता का सामना किया, और उनके दिल में दुख और घबराहट थी, तो अल्लाह ने उनकी मदद के लिए अपना करिश्मा दिखाया। उन्हें उनके नीचे से आवाज़ दी गई—चाहे वह जिब्रील (अलैहिस्सलाम) की आवाज़ थी या ईसा (अलैहिस्सलाम) की, जो उनके पैरों के नीचे से बोले—कि "उदास मत हो, तुम्हारे रब ने तुम्हारे नीचे एक छोटी सी जलधारा बहा दी है।"
यह अल्लाह की रहमत का एक अद्भुत नमूना है कि जब बंदा सबसे कठिन हालात में होता है, तो अल्लाह उसे ऐसे रास्ते से राहत देता है जिसका उसे अंदाज़ा भी नहीं होता। मरियम (अलैहिस्सलाम) उस वक़्त एक अकेली औरत थीं, एक नए बच्चे के साथ, एक सुनसान जगह पर—लेकिन अल्लाह ने उनके लिए पानी का जरिया पैदा कर दिया, जो उनकी प्यास बुझाने और उन्हें ताज़गी देने के लिए काफी था।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। जब हमारी मुश्किलें बढ़ जाएं, तो हमें याद रखना चाहिए कि अल्लाह हर मुश्किल के साथ आसानी भी रखता है। वह हमारी ज़रूरतों को जानता है और जब हम उसकी तरफ रुजू करते हैं, तो वह हमारे लिए ऐसे दरवाजे खोलता है जिनके बारे में हमने सोचा भी नहीं होता। यह हमारे लिए एक प्यारा पैगाम है कि अल्लाह की रहमत कभी खत्म नहीं होती—चाहे हालात कितने भी बुरे क्यों न हों। मरियम (अलैहिस्सलाम) की तरह हमें भी अल्लाह पर यकीन रखना चाहिए, क्योंकि वही है जो हर दुख को दूर करने की ताकत रखता है।
📜 आयत 22-26 — मरियम
अनुवाद — मरियम 24
सूरा मरियम आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बिल्कुल भूली बिसरी हो जाती तब जिबरील ने मरियम के…सूरा आयत 24/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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