Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- मुख़्लिसन (مُخْلَصًا): चुना हुआ, ख़ालिस किया हुआ, जिसे अल्लाह ने अपनी बंदगी और रिसालत के लिए विशेष रूप से चुन लिया हो।
- रसूलन (رَسُولًا): पैग़म्बर जिसे अल्लाह की ओर से लोगों तक संदेश पहुँचाने का काम सौंपा गया हो।
- नबिय्यन (نَبِيًّا): नबी, वह व्यक्ति जिसे अल्लाह की ओर से वह़्य (प्रकाशना) आती हो।
तफ़सीर:
ऐ नबी! इस किताब (क़ुरआन) में मूसा (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र करो। बेशक वह अल्लाह के चुने हुए बंदों में से थे, जिन्हें अल्लाह ने अपनी बंदगी, नबुव्वत और रिसालत के लिए ख़ास कर लिया था। वह रसूल भी थे और नबी भी। यानी अल्लाह ने उन्हें दोनों मर्तबे एक साथ अता किए — नबुव्वत उनके और अल्लाह के बीच का रिश्ता था, जिसमें उन पर वह़्य उतरती थी, और रिसालत उनके और लोगों के बीच का रिश्ता था, जिसमें वह अल्लाह का पैग़ाम लोगों तक पहुँचाते थे। वह उन महान रसूलों में से थे जिन्हें अज़्म (दृढ़ संकल्प) वाले रसूल कहा जाता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने चुने हुए बंदों को किस तरह इज़्ज़त देता है। मूसा (अलैहिस्सलाम) की यह फ़ज़ीलत उनके अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण और उनकी बंदगी की बदौलत थी। जब हम इन पैग़म्बरों के क़िस्से पढ़ते हैं, तो हमें उनके जैसा बनने की कोशिश करनी चाहिए — अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की बंदगी के लिए ख़ालिस करना, उसकी राह में सब्र और इस्तिक़ामत दिखाना। यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की रहमत और फ़ज़ीलत उसके नेक बंदों के लिए हमेशा मौजूद है, और जो लोग अल्लाह के लिए अपनी ज़िंदगी ख़ालिस कर लेते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत में सरबुलंदी अता करता है। इसलिए हमें भी चाहिए कि अपने अमल को ख़ालिस करें, नीयत को दुरुस्त करें और अल्लाह के दीन की ख़िदमत में अपना हिस्सा अदा करें।
📜 आयत 49-53 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 51
सूरा मरियम आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) कुरान में (कुछ) मूसा का (भी) तज़किरा…सूरा आयत 51/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 49–53. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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