अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الطُّور (अत-तूर): वह पर्वत जो मिस्र और मदयन के बीच स्थित है, जिसे तूर-ए-सीना भी कहा जाता है।
- الأَيْمَن (अल-अयमन): दाहिनी ओर वाला। यहाँ अर्थ है मूसा (अलैहिस्सलाम) की दाहिनी ओर से।
- نَجِيًّا (नजिय्यन): एकांत में मुनाजात करने वाला, यानी जो अल्लाह से चुपके से और निजी तौर पर बात करे।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने प्यारे नबी मूसा (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने उन्हें तूर पर्वत की दाहिनी ओर से पुकारा। यह पुकार बड़ी इज़्ज़त और रहमत के साथ थी, जब वे अपनी बीवी के साथ मदयन से वापस लौट रहे थे और रास्ते में उन्होंने आग देखी थी। अल्लाह ने उन्हें उस मुबारक जगह पर बुलाया और उन्हें अपनी मुनाजात (निजी बातचीत) के लिए अपना मुख़्तस (ख़ास) बना लिया। यानी अल्लाह ने उन्हें अपने करीब बुलाया और उनसे सीधे कलाम (बात) फ़रमाई, जो उनके लिए बहुत बड़ा शरफ़ और इज़्ज़त थी।
यहाँ अल्लाह तआला की सिफ़त-ए-कलाम (बोलने की सिफ़त) साबित होती है, जो उनके जलाल और कमाल के लायक़ है। मूसा (अलैहिस्सलाम) को यह मक़ाम इसलिए मिला क्योंकि वे अल्लाह के बहुत ही इबादतगुज़ार, सब्र करने वाले और अपनी क़ौम की भलाई चाहने वाले नबी थे। अल्लाह ने उन्हें इस मुनाजात के ज़रिए दुनिया के सामने एक ऐसा मुक़ाम दिया जो किसी और नबी को इस तरह नहीं मिला।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को अपनी तरफ़ बुलाता है और उन्हें अपनी मुहब्बत और क़ुर्बत (नज़दीकी) का शरफ़ अता करता है। जब हम अल्लाह की इबादत में सच्चे दिल से जुट जाते हैं, तो अल्लाह हमें भी अपनी तरफ़ खींचता है और हमारे दिल में अपनी मुहब्बत और मारिफ़त (पहचान) का नूर डालता है। मूसा (अलैहिस्सलाम) की यह मुनाजात हमारे लिए एक नमूना है कि हम भी अपनी दुआओं और इबादत में अल्लाह से इसी तरह राब्ता (जुड़ाव) बनाएँ और उससे अपने गुनाहों की माफ़ी और हिदायत की दरख़्वास्त करें। यह वाक़िया हमें बताता है कि अल्लाह का कलाम सुनना और उससे बात करना कितनी बड़ी नेमत है, और क़ुरआन पढ़ना और समझना भी उसी सिलसिले की एक कड़ी है जो हमें अल्लाह के करीब लाता है।
📜 आयत 50-54 — मरियम
अनुवाद — मरियम 52
सूरा मरियम आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने उनको (कोहे तूर) की दाहिनी तरफ़ से आवाज़…सूरा आयत 52/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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