अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- طَيِّبَات (पवित्र और उत्तम चीज़ें) — हलाल और अच्छी कमाई।
- الْخَبِيثَ (गंदा और नापाक) — वह माल जो हराम हो या घटिया और बेकार हो।
- تَيَمَّمُوا (इरादा करना) — किसी चीज़ की ओर रुख करना और उसे चुनना।
- تُغْمِضُوا (आँख बंद करना) — किसी चीज़ की कमी को नज़रअंदाज़ करना और उसे सहन कर लेना।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालो! अल्लाह तआला तुम्हें हिदायत देता है कि अपनी कमाई में से और उस चीज़ में से जो उसने ज़मीन से तुम्हारे लिए पैदा की है — जैसे अनाज, फल और खनिज पदार्थ — उसका सबसे अच्छा और पाक हिस्सा खर्च करो। यह न हो कि तुम जान-बूझकर उस माल का चुनाव करो जो घटिया, बेकार या हराम हो, और उसे अल्लाह की राह में दो।
अल्लाह तुम्हें एक ऐसी सच्चाई पर ध्यान देने के लिए कहता है: अगर कोई तुम्हें वही घटिया चीज़ दे, तो क्या तुम उसे अपने लिए क़बूल करोगे? हरगिज़ नहीं! तुम उसे तभी लोगे जब मजबूरी हो और तुम आँख बंद करके उसकी कमियों को नज़रअंदाज़ कर दो। तो फिर तुम अल्लाह के लिए वह चीज़ कैसे पेश कर सकते हो जो तुम खुद अपने लिए पसंद नहीं करते?
याद रखो कि अल्लाह तुम्हारी सदक़त का मोहताज नहीं है। वह बेनियाज़ है और अपनी ज़ात और अपने हर काम में हर तारीफ़ का हक़दार है। वह तुम्हें सिर्फ इसलिए खर्च करने का हुक्म देता है ताकि तुम्हारा माल पाक हो, तुम्हारा दिल साफ़ हो और तुम्हारा दर्जा उसके पास बुलंद हो।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की राह में खर्च करते वक़्त हमें सबसे अच्छा और हलाल माल चुनना चाहिए। यह हमारे ईमान की सच्चाई की निशानी है। जो इंसान अपने भाई के लिए वही चीज़ पेश करता है जो वह खुद पसंद करता है, वह अल्लाह की नज़र में बहुत प्यारा है। अल्लाह ने हमें जो रिज़्क़ दिया है, उसमें से थोड़ा सा भी खर्च करना हमारे लिए बरकत का ज़रिया है।
याद रखिए, अल्लाह तआला ने हमें धन-दौलत इसलिए नहीं दी कि हम उसे जमा करके रखें, बल्कि इसलिए दी कि हम उसका सही इस्तेमाल करें, अपनी ज़रूरतें पूरी करें और दूसरों की मदद करें। जब हम अच्छे माल में से खर्च करते हैं, तो हमारा दिल साफ़ होता है और हमारा रिज़्क़ बढ़ता है। अल्लाह ने वादा किया है कि जो लोग उसकी राह में खर्च करते हैं, वह उन्हें कई गुना बदला देगा।
तो आओ, हम अपनी कमाई को पाक और हलाल बनाएँ, और उसमें से अल्लाह की राह में खर्च करें। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। अल्लाह हमें अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 265-269 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 267
सूरा अल-बकरा आयत 267 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमान वालों अपनी पाक कमाई और उन चीज़ों में…सूरा आयत 267/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 265–269. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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