Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسْتَفْتِحُونَ: विजय की प्रार्थना करना, सहायता माँगना। अर्थात् वे लोग अल्लाह से नबी के आगमन के माध्यम से काफिरों पर विजय की प्रार्थना करते थे।
- فَلَعْنَةُ اللهِ: अल्लाह की रहमत से दूर करना और उसकी यातना का श्राप।
तफसीर (व्याख्या):
जब यहूदियों के पास अल्लाह की ओर से किताब (क़ुरआन) आई, जो उनके पास मौजूद तौरात की पुष्टि करने वाली थी, तो उन्होंने उसे झुठला दिया और मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की नबुव्वत का इनकार कर दिया। हालाँकि इससे पहले वे स्वयं काफिरों (मक्का के मुशरिकों) पर विजय की प्रार्थना किया करते थे और कहते थे कि अंतिम समय के नबी के आने का समय निकट है, हम उन पर ईमान लाएँगे और उनके साथ मिलकर तुमसे युद्ध करेंगे। लेकिन जब वह नबी (मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उनके पास आए, जिन्हें वे अपनी किताबों में पहचानते थे और जिनकी सच्चाई के बारे में उन्हें पूरा ज्ञान था, तो उन्होंने ईर्ष्या और अहंकार के कारण उन्हें झुठला दिया और ईमान लाने से इनकार कर दिया। अतः अल्लाह की लानत (श्राप) उन काफिरों पर है जिन्होंने अल्लाह की आयतों और उसके रसूल को झुठलाया।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई को पहचानने के बाद उसे मान लेना चाहिए, चाहे वह हमारी अपनी इच्छाओं या समुदाय के विपरीत ही क्यों न हो। यहूदियों ने सच्चाई को जानते हुए भी ईर्ष्या के कारण उसे ठुकरा दिया, जो उनके पतन का कारण बना।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि क़ुरआन और रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सच्चाई पहले की किताबों से सिद्ध है, इसलिए उस पर दृढ़ विश्वास रखना चाहिए और उसके मार्गदर्शन पर चलना चाहिए।
- इसमें काफिरों और सच्चाई का इनकार करने वालों के लिए चेतावनी है कि अल्लाह की लानत उन पर है, और यह लानत उन्हें दुनिया और आख़िरत में रहमत से दूर कर देती है। इससे हमें यह सबक मिलता है कि हमें सच्चाई के साथ रहना चाहिए और उसका प्रचार करना चाहिए।
📜 आयत 87-91 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 89
सूरा अल-बकरा आयत 89 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उनके पास खुदा की तरफ़ से किताब (कुरान…सूरा आयत 89/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 87–91. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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