अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَيَذَرُهَا (फ़यज़रुहा): फिर वह उसे छोड़ देगा।
- قَاعًا (क़ाअन): समतल, बिल्कुल सपाट ज़मीन।
- صَفْصَفًا (सफ़सफ़न): चिकनी, मुलायम और बिल्कुल सीधी सतह, जिसमें कोई ऊँच-नीच न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस महान घटना का वर्णन कर रही है जो क़यामत के दिन घटित होगी, जब यह पूरी दुनिया अपनी मौजूदा हालत में नहीं रहेगी। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जब पहाड़ों को उखाड़कर रेत की तरह बिखेर दिया जाएगा, तो धरती को इस तरह समतल कर दिया जाएगा कि वह एक चिकने, सपाट मैदान में बदल जाएगी। उस पर न कोई पहाड़ होगा, न टीले, न घाटियाँ, न पेड़-पौधे, न कोई इमारत। वह बिल्कुल साफ़ और समतल होगी, जैसे कोई चिकना दर्पण या सपाट मैदान। नज़र जहाँ भी जाएगी, कोई ऊँचाई या गहराई नहीं दिखेगी — सब कुछ एक समान होगा।
यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि यह दुनिया और इसकी सारी रौनक़ें कितनी अस्थायी हैं। आज हम जिन इमारतों, पहाड़ों और बस्तियों पर इतराते हैं, क़यामत के दिन वे सब मिट्टी में मिल जाएँगी। यह आयत हमें सिखाती है कि हमें इस फ़ानी दुनिया से मोह नहीं रखना चाहिए, बल्कि उस दिन की तैयारी करनी चाहिए जब सारी मख़लूक़ात अल्लाह के सामने हाज़िर होगी।
यह भी एक रहमत की बात है कि उस दिन ज़मीन इतनी समतल होगी कि सभी लोग आराम से इकट्ठा हो सकेंगे और हिसाब के लिए पेश होंगे। यह अल्लाह की क़ुदरत का नमूना है कि वह जिस चीज़ को चाहे पैदा करे और जिसे चाहे मिटा दे। हमें चाहिए कि इस आयत से सबक़ लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालें, ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जन्नत की उस ज़मीन के वारिस बनें जो हमेशा आबाद रहेगी — जहाँ न कोई दुख होगा, न थकान, और न ही कोई अंत।
📜 आयत 104-108 — ताहा
अनुवाद — ताहा 106
सूरा ताहा आयत 106 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम कह दो कि मेरा परवरदिगार बिल्कुल रेज़ा रेज़ा…सूरा आयत 106/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 104–108. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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