अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- عِوَجًا (इवजन): टेढ़ापन, झुकाव, नीची जगह या घाटी।
- أَمْتًا (अम्तन): ऊँचाई, उभार, पहाड़ी या कोई ऊँची जगह।
तफ़सीर (व्याख्या):
उस दिन जब यह धरती बदल दी जाएगी, तो वह बिल्कुल समतल और चिकनी हो जाएगी। न उसमें कोई टेढ़ापन होगा, न कोई घाटी, न कोई पहाड़ी, न कोई ऊँच-नीच। जो कोई उस ओर देखेगा, उसे वह बिल्कुल सपाट और एकसमान दिखाई देगी—न कोई झुकाव, न कोई उभार। यह उस दिन की हैरतअंगेज़ तस्वीर है जब अल्लाह तआला अपनी क़ुदरत से इस पुरानी दुनिया को नई शक्ल देगा और सब कुछ एक नए सिरे से बनाएगा।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह की क़ुदरत के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं। जिसने इस विशाल ब्रह्मांड को बनाया, उसके लिए इस धरती को समतल कर देना बिल्कुल आसान है। यह हमारे लिए एक इम्तिहान का दिन होगा, जब हर इंसान अपने किए का सामना करेगा। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही अपने आपको उस दिन के लिए तैयार करें, अल्लाह की इबादत करें और उसके बताए रास्ते पर चलें, ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जन्नत की उस नेमतों से नवाज़े जाएँ जो कभी खत्म नहीं होतीं। याद रखिए, यह दुनिया फ़ानी है, लेकिन आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा रहने वाली है। उस दिन की कामयाबी ही असली कामयाबी है, और उस दिन की नाकामी से बचना ही सबसे बड़ी भलाई है। अल्लाह हम सबको सीधी राह दिखाए और उस दिन के खौफ़ से हिफ़ाज़त फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 105-109 — ताहा
अनुवाद — ताहा 107
सूरा ताहा आयत 107 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि (ऐ शख्स) न तो उसमें मोड़ देखेगा और न…सूरा आयत 107/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 105–109. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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