ताहा · 107/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
لَّا تَرَىٰ فِيهَا عِوَجًا وَلَا أَمْتًا ۝١٠٧
Laa taraa feehaa `iwajanw wa laaa amtaa
📖 हिंदी अर्थ
कि (ऐ शख्स) न तो उसमें मोड़ देखेगा और न ऊँच-नीच

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • عِوَجًا (इवजन): टेढ़ापन, झुकाव, नीची जगह या घाटी।
  • أَمْتًا (अम्तन): ऊँचाई, उभार, पहाड़ी या कोई ऊँची जगह।

तफ़सीर (व्याख्या):

उस दिन जब यह धरती बदल दी जाएगी, तो वह बिल्कुल समतल और चिकनी हो जाएगी। न उसमें कोई टेढ़ापन होगा, न कोई घाटी, न कोई पहाड़ी, न कोई ऊँच-नीच। जो कोई उस ओर देखेगा, उसे वह बिल्कुल सपाट और एकसमान दिखाई देगी—न कोई झुकाव, न कोई उभार। यह उस दिन की हैरतअंगेज़ तस्वीर है जब अल्लाह तआला अपनी क़ुदरत से इस पुरानी दुनिया को नई शक्ल देगा और सब कुछ एक नए सिरे से बनाएगा।

यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह की क़ुदरत के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं। जिसने इस विशाल ब्रह्मांड को बनाया, उसके लिए इस धरती को समतल कर देना बिल्कुल आसान है। यह हमारे लिए एक इम्तिहान का दिन होगा, जब हर इंसान अपने किए का सामना करेगा। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही अपने आपको उस दिन के लिए तैयार करें, अल्लाह की इबादत करें और उसके बताए रास्ते पर चलें, ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जन्नत की उस नेमतों से नवाज़े जाएँ जो कभी खत्म नहीं होतीं। याद रखिए, यह दुनिया फ़ानी है, लेकिन आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा रहने वाली है। उस दिन की कामयाबी ही असली कामयाबी है, और उस दिन की नाकामी से बचना ही सबसे बड़ी भलाई है। अल्लाह हम सबको सीधी राह दिखाए और उस दिन के खौफ़ से हिफ़ाज़त फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 105-109 — ताहा

105وَيَسْأَلُونَكَ عَنِ الْجِبَالِ فَقُلْ يَنسِفُهَا رَبِّي نَسْفًا
(और ऐ रसूल) तुम से लोग पहाड़ों के बारे में पूछा करते हैं (कि क़यामत के रोज़ क्या होगा)
106فَيَذَرُهَا قَاعًا صَفْصَفًا
तो तुम कह दो कि मेरा परवरदिगार बिल्कुल रेज़ा रेज़ा करके उड़ा डालेगा और ज़मीन को एक चटियल मैदान कर छोड़ेगा
107لَّا تَرَىٰ فِيهَا عِوَجًا وَلَا أَمْتًا
कि (ऐ शख्स) न तो उसमें मोड़ देखेगा और न ऊँच-नीच
108يَوْمَئِذٍ يَتَّبِعُونَ الدَّاعِيَ لَا عِوَجَ لَهُ ۖ وَخَشَعَتِ الْأَصْوَاتُ لِلرَّحْمَٰنِ فَلَا تَسْمَعُ إِلَّا هَمْسًا
उस दिन लोग एक पुकारने वाले इसराफ़ील की आवाज़ के पीछे (इस तरह सीधे) दौड़ पड़ेगे कि उसमें कुछ भी कज़ी न होगी और आवाज़े उस दिन खुदा के सामने (इस तरह) घिघियाएगें कि तू घुनघुनाहट के सिवा और कुछ न सुनेगा
109يَوْمَئِذٍ لَّا تَنفَعُ الشَّفَاعَةُ إِلَّا مَنْ أَذِنَ لَهُ الرَّحْمَٰنُ وَرَضِيَ لَهُ قَوْلًا
उस दिन किसी की सिफ़ारिश काम न आएगी मगर जिसको खुदा ने इजाज़त दी हो और उसका बोलना पसन्द करे जो कुछ उन लोगों के सामने है और जो कुछ उनके पीछे है
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अनुवाद — ताहा 107

सूरा ताहा आयत 107 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि (ऐ शख्स) न तो उसमें मोड़ देखेगा और न…

सूरा आयत 107/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 105–109. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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