ताहा · 18/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
قَالَ هِيَ عَصَايَ أَتَوَكَّأُ عَلَيْهَا وَأَهُشُّ بِهَا عَلَىٰ غَنَمِي وَلِيَ فِيهَا مَآرِبُ أُخْرَىٰ ۝١٨
Qaala hiya `asaaya atawakka`u alaihaa wa ahushshu bihaa `alaa ghanamee wa liya feehaa ma aaribu ukhraa
📖 हिंदी अर्थ
अर्ज़ की ये तो मेरी लाठी है मैं उस पर सहारा करता हूँ और इससे अपनी बकरियों पर (और दरख्तों की) पत्तियाँ झाड़ता हूँ और उसमें मेरे और भी मतलब हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • أَتَوَكَّأُ – मैं टेक लेता हूँ, सहारा लेता हूँ।
  • أَهُشُّ – मैं (पत्तों को गिराने के लिए) टहनियों पर आघात करता हूँ, हिलाता हूँ।
  • مَآرِبُ – आवश्यकताएँ, ज़रूरतें, फ़ायदे (यह 'مَأْرُبَة' का बहुवचन है)।

तफ़सीर:

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अल्लाह के सवाल "तुम्हारे दाहिने हाथ में क्या है?" के जवाब में अदब और सादगी के साथ कहा: "यह मेरी लाठी है।" फिर उन्होंने इसके कुछ ज़रूरी फ़ायदे गिनाए ताकि अल्लाह की तरफ़ से पूछे गए सवाल का पूरा जवाब दे सकें। उन्होंने बताया:

  1. "मैं इस पर टेक लगाता हूँ" – यानी चलते-फिरते, खड़े होते या लंबी मंज़िल तय करते समय इसका सहारा लेता हूँ। यह मेरे लिए सहारे और ताक़त का ज़रिया है।
  2. "और इससे अपनी भेड़ों के लिए (पत्ते) झाड़ता हूँ" – यानी मैं इस लाठी से पेड़ों की टहनियों को मारता हूँ ताकि उनके पत्ते गिर जाएँ और मेरी भेड़ें उन्हें चर सकें। यह मेरे पशुओं के लिए चारे का इंतज़ाम है।
  3. "और मेरे लिए इसमें और भी कई ज़रूरतें हैं" – यानी इस लाठी में मेरे लिए और भी कई फ़ायदे और काम हैं, जैसे साँप या जानवरों को भगाना, सामान उठाना, रास्ते में काम आना, वगैरह। यह एक साधारण सी चीज़ है, लेकिन मेरे लिए बहुत काम की है।

इस आयत में हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की नर्मी, अदब और सादगी झलकती है। वे अल्लाह के सामने अपनी रोज़मर्रा की चीज़ का ज़िक्र इस तरह कर रहे हैं जैसे एक बंदा अपने रब से बात करता है। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह से बात करते समय सादगी, सच्चाई और अदब होना चाहिए। साथ ही, यह भी सबक़ है कि इंसान को अपनी नेमतों का एहसास हो और वह छोटी-छोटी चीज़ों में भी अल्लाह की रहमत देखे।

फिर अल्लाह ने इसी लाठी को मूसा (अलैहिस्सलाम) के लिए एक बड़ा मोजिज़ा बनाया – जब उन्होंने उसे फेंका तो वह साँप बन गई। यह दिखाता है कि अल्लाह की क़ुदरत के आगे हर चीज़ मुत्थी में है; वह एक साधारण लाठी को भी करिश्मा बना सकता है। इससे हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि वही हर चीज़ पर क़ादिर है। जो चीज़ हमें बेकार या मामूली लगती है, अल्लाह उसमें बरकत और कमाल रख सकता है।



📜 आयत 16-20 — ताहा

16فَلَا يَصُدَّنَّكَ عَنْهَا مَن لَّا يُؤْمِنُ بِهَا وَاتَّبَعَ هَوَاهُ فَتَرْدَىٰ
तो (कहीं) ऐसा न हो कि जो शख्स उसे दिल से नहीं मानता और अपनी नफ़सियानी ख्वाहिश के पीछे पड़ा वह तुम्हें इस (फिक्र) से रोक दे तो तुम तबाह हो जाओगे
17وَمَا تِلْكَ بِيَمِينِكَ يَا مُوسَىٰ
और ऐ मूसा ये तुम्हारे दाहिने हाथ में क्या चीज़ है
18قَالَ هِيَ عَصَايَ أَتَوَكَّأُ عَلَيْهَا وَأَهُشُّ بِهَا عَلَىٰ غَنَمِي وَلِيَ فِيهَا مَآرِبُ أُخْرَىٰ
अर्ज़ की ये तो मेरी लाठी है मैं उस पर सहारा करता हूँ और इससे अपनी बकरियों पर (और दरख्तों की) पत्तियाँ झाड़ता हूँ और उसमें मेरे और भी मतलब हैं
19قَالَ أَلْقِهَا يَا مُوسَىٰ
फ़रमाया ऐ मूसा उसको ज़रा ज़मीन पर डाल तो दो मूसा ने उसे डाल दिया
20فَأَلْقَاهَا فَإِذَا هِيَ حَيَّةٌ تَسْعَىٰ
तो फ़ौरन वह साँप बनकर दौड़ने लगा (ये देखकर मूसा भागे)
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अनुवाद — ताहा 18

सूरा ताहा आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अर्ज़ की ये तो मेरी लाठी है मैं उस पर…

सूरा आयत 18/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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