ताहा · 46/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
قَالَ لَا تَخَافَا ۖ إِنَّنِي مَعَكُمَا أَسْمَعُ وَأَرَىٰ ۝٤٦
Qaala laa takhaafaaa innanee ma`akumaa asma`u wa araa
📖 हिंदी अर्थ
फ़रमाया तुम डरो नहीं मैं तुम्हारे साथ हूँ (सब कुछ) सुनता और देखता हूँ

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا تَخَافَا: तुम दोनों मत डरो (यह मूसा और हारून अलैहिस्सलाम को सम्बोधित करके कहा गया)।
  • إِنَّنِي مَعَكُمَا: बेशक मैं तुम दोनों के साथ हूँ (अपनी मदद, हिफ़ाज़त और नुसरत के साथ)।
  • أَسْمَعُ: मैं (तुम्हारी बातें और हर आवाज़) सुनता हूँ।
  • أَرَىٰ: मैं (तुम्हारे सामने और तुम्हारे आस-पास होने वाला हर मामला) देखता हूँ।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा और हारून अलैहिस्सलाम को फ़िरऔन के पास जाने का हुक्म दिया, तो उनके दिलों में फ़िरऔन के ज़ुल्म और उसकी सरकशी का ख़ौफ़ पैदा हुआ। उन्हें डर था कि कहीं फ़िरऔन उन पर ज़्यादती न करे या उन्हें नुक़सान न पहुँचाए। उसी वक़्त अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने उन्हें तसल्ली देते हुए फ़रमाया: "तुम दोनों हरगिज़ मत डरो! बेशक मैं तुम्हारे साथ हूँ — मैं सब कुछ सुन रहा हूँ और सब कुछ देख रहा हूँ।"

इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने दो प्यारे नबियों को यक़ीन दिलाया कि उनकी हिफ़ाज़त अल्लाह के ज़िम्मे है। अल्लाह उनकी बातें सुन रहा है और फ़िरऔन की हर हरकत को देख रहा है। यह अल्लाह की तरफ़ से एक बड़ी तसल्ली और दिलासा थी, ताकि वे बेख़ौफ़ होकर अल्लाह का पैग़ाम फ़िरऔन तक पहुँचाएँ। अल्लाह का "सुनना" और "देखना" उसकी कुदरत की निशानी है — वह हर चीज़ से बाख़बर है, और जो उसके भरोसे पर चलता है, उसे किसी का ख़ौफ़ नहीं होता।

दावती पहलू:

यह आयत हर मोमिन के लिए एक अज़ीम सबक़ है कि जब अल्लाह किसी काम का हुक्म देता है, तो वह उसके साथ अपनी मदद का वादा भी करता है। अल्लाह तआला अपने बन्दों को अकेला नहीं छोड़ता। जो लोग अल्लाह की राह में निकलते हैं, अल्लाह उनके साथ होता है — उनकी सुनता है, उनकी मदद करता है और उन्हें कामयाबी देता है। इसलिए हमें भी चाहिए कि हक़ की राह में किसी ताक़तवर से न डरें, क्योंकि अल्लाह की ताक़त सबसे बड़ी है। जब अल्लाह हमारे साथ है, तो कौन हमारा कुछ बिगाड़ सकता है? यही वो यक़ीन है जो मोमिन के दिल को मज़बूत करता है और उसे हर मुश्किल में सब्र और हिम्मत देता है।



📜 आयत 44-48 — ताहा

44فَقُولَا لَهُ قَوْلًا لَّيِّنًا لَّعَلَّهُ يَتَذَكَّرُ أَوْ يَخْشَىٰ
फिर उससे (जाकर) नरमी से बातें करो ताकि वह नसीहत मान ले या डर जाए
45قَالَا رَبَّنَا إِنَّنَا نَخَافُ أَن يَفْرُطَ عَلَيْنَا أَوْ أَن يَطْغَىٰ
दोनों ने अर्ज़ की ऐ हमारे पालने वाले हम डरते हैं कि कहीं वह हम पर ज्यादती (न) कर बैठे या ज्यादा सरकशी कर ले
46قَالَ لَا تَخَافَا ۖ إِنَّنِي مَعَكُمَا أَسْمَعُ وَأَرَىٰ
फ़रमाया तुम डरो नहीं मैं तुम्हारे साथ हूँ (सब कुछ) सुनता और देखता हूँ
47فَأْتِيَاهُ فَقُولَا إِنَّا رَسُولَا رَبِّكَ فَأَرْسِلْ مَعَنَا بَنِي إِسْرَائِيلَ وَلَا تُعَذِّبْهُمْ ۖ قَدْ جِئْنَاكَ بِآيَةٍ مِّن رَّبِّكَ ۖ وَالسَّلَامُ عَلَىٰ مَنِ اتَّبَعَ الْهُدَىٰ
ग़रज़ तुम दोनों उसके पास जाओ और कहो कि हम आप के परवरदिगार के रसूल हैं तो बनी इसराइल को हमारे साथ भेज दीजिए और उन्हें सताइए नहीं हम आपके पास आपके परवरदिगार का मौजिज़ा लेकर आए हैं और जो राहे रास्त की पैरवी करे उसी के लिए सलामती है
48إِنَّا قَدْ أُوحِيَ إِلَيْنَا أَنَّ الْعَذَابَ عَلَىٰ مَن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ
हमारे पास खुदा की तरफ से ये ''वही'' नाज़िल हुईहै कि यक़ीनन अज़ाब उसी शख्स पर है जो (खुदा की आयतों को) झुठलाए
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अनुवाद — ताहा 46

सूरा ताहा आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फ़रमाया तुम डरो नहीं मैं तुम्हारे साथ हूँ (सब कुछ)…

सूरा आयत 46/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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