अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَتًى – युवक, नवयुवक
- يَذْكُرُهُمْ – उनका उल्लेख करता है, उन्हें बुरा भला कहता है
- يُقَالُ لَهُ إِبْرَاهِيمُ – जिसे इब्राहीम कहा जाता है
तफ़सीर:
जब क़ौम ने अपने देवताओं को चूर-चूर पाया और यह देखा कि सबसे बड़े बुत की गर्दन पर कुल्हाड़ी रखी हुई है, तो वे हैरान और क्रोधित थे। उन्होंने आपस में पूछताछ शुरू की कि यह किसका काम है। तभी कुछ लोगों ने, जिन्होंने पहले इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को यह कहते सुना था कि "अल्लाह की क़सम, मैं तुम्हारे बुतों के साथ चालाकी करूँगा", वे आगे बढ़े और बोले: "हमने एक युवक को सुना है जो इन बुतों का उल्लेख बुराई के साथ करता था, उन्हें बेवक़ूफ़ और बेकार बताता था। उसका नाम इब्राहीम है।"
यह वही इब्राहीम था जिसने अपनी क़ौम के सामने सच्चाई को बयान किया था और उनके झूठे देवताओं को चुनौती दी थी। उसने साफ़ कहा था कि ये बुत न तो कोई फ़ायदा पहुँचा सकते हैं और न ही नुक़सान। उसकी बातें उन लोगों के दिलों में गहराई तक उतर गई थीं, इसलिए जब उन्होंने बुतों को टूटा देखा, तो उन्हें तुरंत इब्राहीम की याद आई।
यहाँ से हमें यह सीख मिलती है कि सच्चाई की आवाज़ कभी बेकार नहीं जाती। इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने अकेले सच बोला, लेकिन उसकी बात लोगों के ज़ेहन में इस क़दर बैठ गई कि जब सवाल उठा, तो सबकी ज़ुबान पर उसी का नाम आया। यह उस दावत की कामयाबी थी जो हक़ के साथ दी जाती है।
इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि बातिल (असत्य) की ताक़त चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, हक़ (सत्य) का एक अकेला आवाज़ उठाने वाला भी उसे हिला सकता है। इब्राहीम ने अकेले ही उन सारे बुतों को तोड़ दिया, और यह उसके ईमान और यक़ीन की ताक़त थी। अल्लाह अपने सच्चे बंदों की मदद करता है, चाहे वे कितने ही कम क्यों न हों।
हमें भी चाहिए कि हक़ की बात कहने में कभी हिचकिचाएँ, चाहे हम अकेले ही क्यों न हों। अल्लाह का वादा है कि वह अपने दीन की मदद करेगा, जैसे उसने इब्राहीम को उन बुतों पर फ़तह दी और उसे आग से बचाया। यही वह राह है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी दिलाती है।
📜 आयत 58-62 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 60
सूरा अल-अंबिया आयत 60 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (कुछ लोग) कहने लगे हमने एक नौजवान को जिसको लोग…सूरा आयत 60/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 58–62. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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