अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَأْجُوجُ وَمَأْجُوجُ (याजूज और माजूज): ये दो क़बीले हैं जिनका ज़िक्र क़ुरआन और हदीस में आया है। ये अत्यधिक संख्या और ताकत वाले लोग हैं, जिन्हें ज़ुल-क़रनैन अलैहिस्सलाम ने एक मज़बूत दीवार (सद्द) के पीछे क़ैद कर दिया था।
- حَدَبٍ (हदब): ऊँची जगह, टीला, या पहाड़ी।
- يَنسِلُونَ (यंसिलून): तेज़ी से निकलना, दौड़ना, या झुंड के झुंड निकलना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत क़यामत की उन बड़ी निशानियों में से एक का वर्णन करती है, जो अल्लाह तआला ने अपनी किताब में बयान की हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि जब याजूज और माजूज की क़ैद से रिहाई का वक़्त आएगा, तो उनके सामने वह मज़बूत दीवार खोल दी जाएगी जिसे ज़ुल-क़रनैन ने बनवाया था। यह दीवार अल्लाह की क़ुदरत से टूट जाएगी या खोल दी जाएगी, और ये क़बीले हर ऊँची जगह से तेज़ी के साथ निकल पड़ेंगे। वे पहाड़ियों और टीलों से उतरते हुए पूरी दुनिया में फैल जाएँगे, जैसे पानी का सैलाब हर ओर से आता है। यह उस वक़्त होगा जब क़यामत बहुत करीब आ चुकी होगी और उसकी निशानियाँ लगातार ज़ाहिर हो रही होंगी।
यह आयत हमें याद दिलाती है कि दुनिया की यह ज़िंदगी हमेशा के लिए नहीं है। जिस तरह याजूज और माजूज का निकलना अल्लाह के हुक्म से होगा और कोई उन्हें रोक नहीं पाएगा, उसी तरह क़यामत भी अचानक आएगी। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को नेक अमल से सजाएँ, अल्लाह की इबादत करें और उस दिन के लिए तैयारी करें, जब कोई अमल बेकार नहीं होगा और हर इंसान को उसके किए का बदला मिलेगा। यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम ग़ाफ़िल न हों और अपने रब की रहमत और मग़फिरत के तलबगार रहें। अल्लाह तआला हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 94-98 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 96
सूरा अल-अंबिया आयत 96 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बस इतना (तवक्कुफ़ तो ज़रूर होगा) कि जब याजूज माजूज…सूरा आयत 96/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 94–98. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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