Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- हादू (هَادُوا): यहूदी, जो मूसा (अलैहिस्सलाम) की उम्मत थे।
- साबिईन (الصَّابِئِينَ): वे लोग जो अपनी मूल प्रकृति पर बने रहे, न उनका कोई निश्चित धर्म था और न ही वे किसी पैगंबर की स्पष्ट शिक्षा के अनुयायी थे।
- मजूस (الْمَجُوسِ): आग, सूर्य और चंद्रमा की पूजा करने वाले लोग।
- अशरकू (أَشْرَكُوا): मूर्तियों और अन्य चीज़ों को अल्लाह का साझीदार बनाने वाले बहुदेववादी।
- यफ़सिलु (يَفْصِلُ): न्याय करना, फैसला सुनाना, अलग करना।
- शहीद (شَهِيد): हर चीज़ पर गवाह, जो सब कुछ देखता और जानता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में बताते हैं कि जो लोग ईमान लाए (यानी मुसलमान), और यहूदी, साबिईन, नसारा (ईसाई), मजूस (आग की पूजा करने वाले), और मुशरिकीन (मूर्ति पूजक) — इन सभी के बारे में अल्लाह क़ियामत के दिन फ़ैसला करेगा। वह दिन है जब सारे झूठ और सच का पर्दाफ़ाश होगा, और हर इंसान को उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला मिलेगा।
यह आयत बताती है कि अल्लाह ने इंसानों को अलग-अलग राहें दिखाईं, लेकिन सच्ची राह सिर्फ़ एक है — वह राह जो अल्लाह के आख़िरी रसूल मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) लेकर आए। जो लोग सच्चे दिल से अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए, उनके लिए जन्नत है। और जिन्होंने अल्लाह के साथ किसी और की पूजा की, चाहे वह आग हो, मूर्ति हो, सूर्य हो या कोई और चीज़ — उनका ठिकाना जहन्नुम है।
अल्लाह ने यह भी फ़रमाया कि वह हर चीज़ पर शहीद (गवाह) है। यानी उसकी नज़र से कोई भी अच्छा या बुरा काम छिपा नहीं है। हर इंसान के दिल की नीयत, उसके अमल, उसकी बोली — सब कुछ अल्लाह के इल्म में है। वह क़ियामत के दिन हर एक को उसके किए के मुताबिक़ बदला देगा — नेकी का बदला नेकी से, और बुराई का बदला बुराई से।
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम किस राह पर चल रहे हैं। क्या हम उन लोगों में से हैं जिन्होंने अल्लाह की इबादत को खालिस कर लिया, या हम भी किसी न किसी रूप में शिर्क में मुब्तला हैं? आज का इंसान मूर्तियों की पूजा नहीं करता, लेकिन अपनी नफ़्स, अपनी दौलत, अपनी शोहरत, अपने ओहदे को ही सब कुछ मान लेता है — यह भी एक तरह का शिर्क है। अल्लाह हमें सच्चे ईमान की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में शामिल करे जिन्हें क़ियामत के दिन जन्नत की खुशखबरी मिलेगी। आमीन।
📜 आयत 15-19 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 17
सूरा अल-हज आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें शक नहीं कि जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया…सूरा आयत 17/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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