अल-हज · 56/78
अनुवाद उच्चारण — अल-हज
الْمُلْكُ يَوْمَئِذٍ لِّلَّهِ يَحْكُمُ بَيْنَهُمْ ۚ فَالَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فِي جَنَّاتِ النَّعِيمِ ۝٥٦
Almulku Yawma`izil lillaahi yahkumu bainahum; fallazeena aamanoo wa `amilus saalihaati fee jannaatin Na`eem
📖 हिंदी अर्थ
उस दिन की हुकूमत तो ख़ास खुदा ही की होगी वह लोगों (के बाहमी एख्तेलाफ) का फ़ैसला कर देगा तो जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे काम किए हैं वह नेअमतों के (भरे) हुए बाग़ात (बेहश्त) में रहेंगे
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْمُلْكُ (अल-मुल्क): राज्य, सत्ता और शासन।
  • يَوْمَئِذٍ (यौम-इज़िन): उस दिन, अर्थात क़ियामत का दिन।
  • يَحْكُمُ (यहकुमु): फ़ैसला करेगा, न्याय करेगा।
  • الصَّالِحَاتِ (अस-सालिहात): अच्छे कर्म, नेक कार्य।
  • جَنَّاتِ النَّعِيمِ (जन्नातिन-नईम): नेमतों से भरी जन्नतें, स्थायी सुख की उद्यान।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत क़ियामत के दिन की उस हक़ीक़त को बयान करती है जब सारा भ्रम और धोखा समाप्त हो जाएगा। उस दिन राज्य, सत्ता और पूर्ण अधिकार केवल और केवल अल्लाह के होंगे। दुनिया में जिन-जिन लोगों ने सत्ता का दम्भ किया, जिन्होंने अपनी ताक़त पर इतराया, या जिन्होंने अल्लाह के साथ किसी को साझीदार ठहराया — उन सबके हाथ खाली होंगे। वहाँ न कोई सिफ़ारिश करने वाला होगा, न कोई शक्तिशाली सहारा। अल्लाह ही अकेला न्यायाधीश होगा और वह अपने बन्दों के बीच पूर्ण न्याय के साथ फ़ैसला करेगा।

फिर अल्लाह तआला दो समूहों का स्पष्ट विभाजन करता है: जिन लोगों ने ईमान लाया और अपने ईमान को अच्छे कर्मों से सजाया — उनके लिए जन्नत की नेमतें हैं, जो कभी समाप्त नहीं होंगी। वे उन उद्यानों में हमेशा रहेंगे जहाँ हर प्रकार की खुशी, शान्ति और आनन्द है। वहाँ कोई दुःख नहीं, कोई भय नहीं, कोई थकान नहीं। यह उनके ईमान और नेक कर्मों का फल है।

यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई की याद दिलाती है — कि यह दुनिया का जीवन अस्थायी है, और असली जीवन आख़िरत का है। आज हम जो भी कर रहे हैं, उसका हिसाब उस दिन होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने जीवन को ईमान और अच्छे कर्मों से भर दें। जो व्यक्ति आज अल्लाह की राह पर चलता है, उसका अंजाम जन्नत की नेमतें हैं। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता।

इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि हमें दुनिया की सत्ता, धन-दौलत और ओहदों पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह सब कुछ क्षणभंगुर है। असली सत्ता तो अल्लाह की है, और वही उस दिन सबके सामने प्रकट होगी। हमें अपनी ज़िन्दगी को इस तरह बनानी चाहिए कि उस दिन हम उन लोगों में से हों जिन्हें जन्नत की खुशखबरी दी जाएगी। यही सच्ची कामयाबी है, और यही अल्लाह का सबसे बड़ा इनाम है।

🎧 सुनें

📜 आयत 54-58 — अल-हज

54وَلِيَعْلَمَ الَّذِينَ أُوتُوا الْعِلْمَ أَنَّهُ الْحَقُّ مِن رَّبِّكَ فَيُؤْمِنُوا بِهِ فَتُخْبِتَ لَهُ قُلُوبُهُمْ ۗ وَإِنَّ اللَّهَ لَهَادِ الَّذِينَ آمَنُوا إِلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ
और (इसलिए भी) ताकि जिन लोगों को (कुतूबे समावी का) इल्म अता हुआ है वह जान लें कि ये (वही) बेशक तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से ठीक ठीक (नाज़िल) हुईहै फिर (ये ख्याल करके) इस पर वह लोग ईमान लाए फिर उनके दिल खुदा के सामने आजिज़ी करें और इसमें तो शक ही नहीं कि जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया उनकी खुदा सीधी राह तक पहुँचा देता है
55وَلَا يَزَالُ الَّذِينَ كَفَرُوا فِي مِرْيَةٍ مِّنْهُ حَتَّىٰ تَأْتِيَهُمُ السَّاعَةُ بَغْتَةً أَوْ يَأْتِيَهُمْ عَذَابُ يَوْمٍ عَقِيمٍ
और जो लोग काफिर हो बैठे वह तो कुरान की तरफ से हमेशा शक ही में पड़े रहेंगे यहाँ तक कि क़यामत यकायक उनके सर पर आ मौजूद हो या (यूँ कहो कि) उनपर एक सख्त मनहूस दिन का अज़ाब नाज़िल हुआ
56الْمُلْكُ يَوْمَئِذٍ لِّلَّهِ يَحْكُمُ بَيْنَهُمْ ۚ فَالَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فِي جَنَّاتِ النَّعِيمِ
उस दिन की हुकूमत तो ख़ास खुदा ही की होगी वह लोगों (के बाहमी एख्तेलाफ) का फ़ैसला कर देगा तो जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे काम किए हैं वह नेअमतों के (भरे) हुए बाग़ात (बेहश्त) में रहेंगे
57وَالَّذِينَ كَفَرُوا وَكَذَّبُوا بِآيَاتِنَا فَأُولَٰئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ مُّهِينٌ
और जिन लोगों ने कुफ्र एख्तियार किया और हमारी आयतों को झुठलाया तो यही वह (कम्बख्त) लोग हैं
58وَالَّذِينَ هَاجَرُوا فِي سَبِيلِ اللَّهِ ثُمَّ قُتِلُوا أَوْ مَاتُوا لَيَرْزُقَنَّهُمُ اللَّهُ رِزْقًا حَسَنًا ۚ وَإِنَّ اللَّهَ لَهُوَ خَيْرُ الرَّازِقِينَ
जिनके लिए ज़लील करने वाला अज़ाब है जिन लोगों ने खुदा की राह में अपने देस छोडे फ़िर शहीद किए गए या (आप अपनी मौत से) मर गए खुदा उन्हें (आख़िरत में) ज़रूर उम्दा रोज़ी अता फ़रमाएगा
अल-हजकुरान सूची
78आयत
मदनीRevelation
56आयत

अनुवाद — अल-हज 56

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Tuesday, August 18, 2026

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