Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْمُلْكُ (अल-मुल्क): राज्य, सत्ता और शासन।
- يَوْمَئِذٍ (यौम-इज़िन): उस दिन, अर्थात क़ियामत का दिन।
- يَحْكُمُ (यहकुमु): फ़ैसला करेगा, न्याय करेगा।
- الصَّالِحَاتِ (अस-सालिहात): अच्छे कर्म, नेक कार्य।
- جَنَّاتِ النَّعِيمِ (जन्नातिन-नईम): नेमतों से भरी जन्नतें, स्थायी सुख की उद्यान।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत क़ियामत के दिन की उस हक़ीक़त को बयान करती है जब सारा भ्रम और धोखा समाप्त हो जाएगा। उस दिन राज्य, सत्ता और पूर्ण अधिकार केवल और केवल अल्लाह के होंगे। दुनिया में जिन-जिन लोगों ने सत्ता का दम्भ किया, जिन्होंने अपनी ताक़त पर इतराया, या जिन्होंने अल्लाह के साथ किसी को साझीदार ठहराया — उन सबके हाथ खाली होंगे। वहाँ न कोई सिफ़ारिश करने वाला होगा, न कोई शक्तिशाली सहारा। अल्लाह ही अकेला न्यायाधीश होगा और वह अपने बन्दों के बीच पूर्ण न्याय के साथ फ़ैसला करेगा।
फिर अल्लाह तआला दो समूहों का स्पष्ट विभाजन करता है: जिन लोगों ने ईमान लाया और अपने ईमान को अच्छे कर्मों से सजाया — उनके लिए जन्नत की नेमतें हैं, जो कभी समाप्त नहीं होंगी। वे उन उद्यानों में हमेशा रहेंगे जहाँ हर प्रकार की खुशी, शान्ति और आनन्द है। वहाँ कोई दुःख नहीं, कोई भय नहीं, कोई थकान नहीं। यह उनके ईमान और नेक कर्मों का फल है।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई की याद दिलाती है — कि यह दुनिया का जीवन अस्थायी है, और असली जीवन आख़िरत का है। आज हम जो भी कर रहे हैं, उसका हिसाब उस दिन होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने जीवन को ईमान और अच्छे कर्मों से भर दें। जो व्यक्ति आज अल्लाह की राह पर चलता है, उसका अंजाम जन्नत की नेमतें हैं। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता।
इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि हमें दुनिया की सत्ता, धन-दौलत और ओहदों पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह सब कुछ क्षणभंगुर है। असली सत्ता तो अल्लाह की है, और वही उस दिन सबके सामने प्रकट होगी। हमें अपनी ज़िन्दगी को इस तरह बनानी चाहिए कि उस दिन हम उन लोगों में से हों जिन्हें जन्नत की खुशखबरी दी जाएगी। यही सच्ची कामयाबी है, और यही अल्लाह का सबसे बड़ा इनाम है।
📜 आयत 54-58 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 56
सूरा अल-हज आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन की हुकूमत तो ख़ास खुदा ही की होगी…सूरा आयत 56/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


