अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- मिर्यतिन (مِرْيَةٍ): संदेह, शक
- बग़्ततन (بَغْتَةً): अचानक, एकाएक
- अक़ीम (عَقِيم): वह दिन जिसमें कोई भलाई न हो, बंजर दिन
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों की दयनीय स्थिति का वर्णन करती है जो सत्य को देखकर भी उसे स्वीकार नहीं करते। ये काफ़िर लोग हमेशा उस क़ुरआन के बारे में संदेह और शक में डूबे रहते हैं जो आप पर उतारा गया है। उनका यह संदेह और इनकार तब तक जारी रहेगा जब तक कि अचानक क़यामत उन पर न आ जाए, या फिर उन पर उस दिन का अज़ाब न आ जाए जिस दिन उनके लिए कोई भलाई नहीं होगी।
यहाँ अल्लाह तआला दो चीज़ों की ओर इशारा कर रहे हैं: पहला, क़यामत का अचानक आना, और दूसरा, उस दिन का अज़ाब जो उनके लिए बिल्कुल बेकार और बंजर होगा — यानी उस दिन उनका कोई भी काम नहीं आएगा, न उनके माल, न उनकी औलाद, न उनके झूठे देवता। कुछ मुफ़स्सिरीन के अनुसार यह "अक़ीम दिन" बद्र के दिन का अज़ाब भी हो सकता है, जब काफ़िरों को मुसलमानों के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है। यह उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो हक़ को देखकर भी उससे मुँह मोड़ते हैं और शक-शुबह में पड़े रहते हैं। क़ुरआन स्पष्ट सत्य है, इसमें कोई संदेह नहीं। जो लोग इसे नहीं मानते, वह अपने ही नुक़सान का सामान करते हैं।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें इस आयत से यह सबक लेना चाहिए कि हम क़ुरआन और उसकी शिक्षाओं पर पूरा यक़ीन रखें। क़ुरआन में कोई संदेह नहीं, यह अल्लाह का कलाम है। जो लोग इसमें शक करते हैं, वह अपने लिए बड़ी मुसीबत बुला रहे हैं। क़यामत अचानक आएगी, और उस दिन कोई मौका नहीं मिलेगा कि हम अपने किए पर पछताएँ और तौबा करें। इसलिए आज ही अपने ईमान को मज़बूत करें, क़ुरआन पर अमल करें, और उस दिन के लिए तैयारी करें जब कोई भलाई नहीं होगी सिवाय उनके लिए जो ईमान लाए और नेक अमल करे।
अल्लाह हमें सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 53-57 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 55
सूरा अल-हज आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग काफिर हो बैठे वह तो कुरान की…सूरा आयत 55/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








