Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَتَعَالَى – अत्यंत उच्च एवं पवित्र है
- الْمَلِكُ – सच्चा बादशाह, जो हर चीज़ का मालिक और शासक है
- الْحَقُّ – सत्य, जिसका वजूद, वादा और हर बात सच्ची हो
- الْعَرْشِ الْكَرِيمِ – वह महान और सम्मानित सिंहासन (अर्श), जो सबसे बड़ी मख़लूक़ (सृष्टि) है
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला उस हर बात से बहुत ऊंचा और पाक है जो मुशरिकीन (बहुदेववादियों) ने उसके बारे में कही। वही सच्चा बादशाह है — उसका राज्य पूरी कायनात पर है, और उसका हर फ़ैसला अदल और हिकमत पर आधारित है। वह हक़ (सत्य) है — उसका वादा हक़ है, उसका डराना हक़ है, उसकी हर बात हक़ है, और उसने इस दुनिया को बेकार या खिलवाड़ के लिए नहीं बनाया। उसके सिवा कोई सच्चा माबूद (पूज्य) नहीं। वही उस अज़ीम अर्श (सिंहासन) का रब है, जो उसकी सबसे बड़ी मख़लूक़ है — और जो उस बड़ी मख़लूक़ का रब है, वही पूरी कायनात का रब है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की ज़ात हर ऐब और कमी से पाक है। वह न तो किसी का बाप है, न किसी का बेटा, न उसका कोई साझी है। वह अकेला ही इबादत के लायक़ है। जो इंसान इस हक़ीक़त को समझ ले, उसका दिल शिर्क (बहुदेववाद) की गंदगी से पाक हो जाता है और वह सिर्फ़ अल्लाह की तरफ़ रुजू करता है।
इस आयत में एक बड़ी ख़ुशख़बरी भी है — क्योंकि जब अल्लाह हक़ है और उसका वादा हक़ है, तो मरने के बाद जी उठना, हिसाब-किताब और जन्नत-जहन्नम — सब कुछ सच है। जो नेक अमल करेगा, उसे अच्छा बदला मिलेगा; और जो गुनाह करेगा, उसे अपने किए की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। यह अल्लाह का इंसाफ़ है, और उसका इंसाफ़ कभी ज़ुल्म में नहीं बदलता।
प्यारे भाइयो और बहनो! इस आयत पर ग़ौर करें — अल्लाह ने अपनी सबसे बड़ी मख़लूक़ (अर्श) का ज़िक्र करके हमें अपनी अज़मत का एहसास दिलाया है। जब वह इतने बड़े अर्श का रब है, तो हमारी छोटी-छोटी ज़रूरतें उससे क्यों छिपी रहेंगी? वह हर चीज़ पर क़ादिर है। हमें चाहिए कि अपनी हर ज़रूरत, हर दुआ, हर उम्मीद सिर्फ़ उसी से जोड़ें। वही हमारा रब है, वही हमारा मालिक है, और वही हमारी मदद करने वाला है। उसकी रहमत से निराश न हों, और उसकी इबादत को अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मक़सद बनाएं। यही कामयाबी की राह है।
📜 आयत 114-118 — सूरा अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 116
सूरा अल-मोमिनुन आयत 116 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा जो सच्चा बादशाह (हर चीज़ से) बरतर व…सूरा आयत 116/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 114–118. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मोमिनुन
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


