अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अफ़हसिब्तुम – क्या तुमने यह समझ लिया?
- अबसन – व्यर्थ, बिना किसी उद्देश्य के, खेल-तमाशे के रूप में
- ला तुरजऊन – तुम लौटाए नहीं जाओगे
तफ़सीर:
ऐ लोगों! क्या तुमने यह गुमान कर लिया है कि हमने तुम्हें यूँ ही बेकार और बिना किसी मक़सद के पैदा कर दिया है? क्या तुमने समझ लिया कि तुम्हारी पैदाइश का कोई हिकमत भरा उद्देश्य नहीं, न कोई हुक्म है, न कोई मनाही, न कोई सवाब (इनाम) और न ही कोई अज़ाब (सज़ा)? क्या तुमने यह भी मान लिया कि तुम्हें हमारी तरफ़ लौटकर नहीं आना है, यानी आख़िरत में हिसाब-किताब के लिए उठाए नहीं जाओगे और न ही तुम्हारे अच्छे या बुरे कर्मों का कोई बदला होगा?
यह आयत उन लोगों के लिए बड़ी सख़्त नसीहत और डाँट है जो यह समझते हैं कि इंसान की ज़िंदगी सिर्फ़ इसी दुनिया तक सीमित है। वे जानवरों की तरह जीते हैं, बिना किसी ज़िम्मेदारी के, बिना किसी अंजाम की परवाह किए। उन्हें न तो अल्लाह के हुक्मों की कोई परवाह होती है और न ही आख़िरत के हिसाब की कोई फ़िक्र।
लेकिन ऐ इंसान! ज़रा सोच — क्या यह किताब-ए-हिकमत (कुरआन) जो तुझे पढ़ाई जा रही है, क्या यह बेकार है? क्या यह आसमान और ज़मीन, चाँद-सूरज, रात-दिन का यह निज़ाम, तेरे बदन की यह नफ़ीस बनावट, तेरी आँखें, तेरे कान, तेरा दिल — क्या यह सब कुछ यूँ ही है? हरगिज़ नहीं! यह सारी कायनात बड़ी हिकमत से बनाई गई है, और इसमें सबसे अहम मक़सद इंसान की पैदाइश है — ताकि वह अपने रब की इबादत करे, उसके हुक्मों पर चले और उसकी रहमत का हक़दार बने।
याद रखो, यह दुनिया एक इम्तिहान की जगह है। जिसने यहाँ नेकी की, उसे जन्नत में इनाम मिलेगा, और जिसने बुराई की, उसे जहन्नम में सज़ा मिलेगी। अल्लाह ने तुम्हें बेकार नहीं बनाया, और न ही तुम्हें यूँ ही छोड़ दिया है। तुम सबको एक दिन उसकी तरफ़ लौटना है, और उस दिन हर छोटे-बड़े अमल का हिसाब होगा।
तो ऐ बंदे! इस ग़फ़लत से जाग, अपने रब की तरफ़ रुजू कर, अपनी ज़िंदगी को मक़सद-ए-ख़िलक़त के मुताबिक़ ढाल, और उस दिन की तैयारी कर जब तू अपने रब के सामने खड़ा होगा। यही तेरी कामयाबी है, और यही तेरी नजात का रास्ता है।
📜 आयत 113-117 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 115
सूरा अल-मोमिनुन आयत 115 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या तुम ये ख्याल करते हो कि हमने तुमको…सूरा आयत 115/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 113–117. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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