अल-मोमिनुन · 16/118
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मोमिनुन
ثُمَّ إِنَّكُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ تُبْعَثُونَ ۝١٦
Summa innakum Yawmal Qiyaamati tub`asoon
📖 हिंदी अर्थ
इसके बाद कयामत के दिन तुम सब के सब कब्रों से उठाए जाओगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ثُمَّ (फिर): यहाँ इसका अर्थ है 'इसके बाद' यानी मृत्यु और दुनिया के अंत के बाद।
  • يَوْمَ الْقِيَامَةِ (क़ियामत के दिन): वह दिन जब सभी लोग अपनी क़ब्रों से उठाए जाएँगे।
  • تُبْعَثُونَ (उठाए जाओगे): जीवित किए जाओगे, क़ब्रों से निकाले जाओगे।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में मृत्यु के बाद के जीवन की सच्चाई को स्पष्ट कर रहे हैं। जिस प्रकार अल्लाह ने इंसान को पहले पैदा किया, उसी प्रकार वह उसे दोबारा जीवित करेगा। यह कोई कठिन काम नहीं है, क्योंकि जिसने पहली बार पैदा किया, वह दूसरी बार भी पैदा कर सकता है।

जब दुनिया का अंत होगा और सब कुछ तबाह हो जाएगा, तो अल्लाह तआला सभी इंसानों को उनकी क़ब्रों से जीवित करके उठाएगा। यह उठना सिर्फ़ एक खेल या मज़ाक़ नहीं होगा, बल्कि इसका एक बड़ा मक़सद है — हिसाब और जज़ा (बदला)। हर इंसान से उसके अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब लिया जाएगा। जिसने अच्छे कर्म किए होंगे, उसे अच्छा बदला मिलेगा, और जिसने बुरे कर्म किए होंगे, उसे बुरा बदला मिलेगा।

यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया ही सब कुछ नहीं है। मृत्यु के बाद एक और जीवन है जो हमेशा के लिए है। इसलिए हमें अपने जीवन को समझदारी से बिताना चाहिए, अच्छे कर्म करने चाहिए, और अल्लाह की इबादत में अपना समय बिताना चाहिए। क़ियामत का दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल मिलेगा। यह हमारे लिए एक चेतावनी भी है और एक खुशखबरी भी — चेतावनी इसलिए कि हम बुराई से बचें, और खुशखबरी इसलिए कि जो लोग अच्छे कर्म करते हैं, उनके लिए अल्लाह के पास बड़ा इनाम है।



📜 आयत 14-18 — सूरा अल-मोमिनुन

14ثُمَّ خَلَقْنَا النُّطْفَةَ عَلَقَةً فَخَلَقْنَا الْعَلَقَةَ مُضْغَةً فَخَلَقْنَا الْمُضْغَةَ عِظَامًا فَكَسَوْنَا الْعِظَامَ لَحْمًا ثُمَّ أَنشَأْنَاهُ خَلْقًا آخَرَ ۚ فَتَبَارَكَ اللَّهُ أَحْسَنُ الْخَالِقِينَ
फिर हम ही ने नुतफ़े को जमा हुआ ख़ून बनाया फिर हम ही ने मुनजमिद खून को गोश्त का लोथड़ा बनाया हम ही ने लोथडे क़ी हड्डियाँ बनायीं फिर हम ही ने हड्डियों पर गोश्त चढ़ाया फिर हम ही ने उसको (रुह डालकर) एक दूसरी सूरत में पैदा किया तो (सुबहान अल्लाह) ख़ुदा बा बरकत है जो सब बनाने वालो से बेहतर है
15ثُمَّ إِنَّكُم بَعْدَ ذَٰلِكَ لَمَيِّتُونَ
फिर इसके बाद यक़ीनन तुम सब लोगों को (एक न एक दिन) मरना है
16ثُمَّ إِنَّكُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ تُبْعَثُونَ
इसके बाद कयामत के दिन तुम सब के सब कब्रों से उठाए जाओगे
17وَلَقَدْ خَلَقْنَا فَوْقَكُمْ سَبْعَ طَرَائِقَ وَمَا كُنَّا عَنِ الْخَلْقِ غَافِلِينَ
और हम ही ने तुम्हारे ऊपर तह ब तह आसमान बनाए और हम मख़लूक़ात से बेखबर नही है
18وَأَنزَلْنَا مِنَ السَّمَاءِ مَاءً بِقَدَرٍ فَأَسْكَنَّاهُ فِي الْأَرْضِ ۖ وَإِنَّا عَلَىٰ ذَهَابٍ بِهِ لَقَادِرُونَ
और हमने आसमान से एक अन्दाजे क़े साथ पानी बरसाया फिर उसको ज़मीन में (हसब मसलेहत) ठहराए रखा और हम तो यक़ीनन उसके ग़ाएब कर देने पर भी क़ाबू रखते है
अल-मोमिनुनकुरान सूची
118आयत
मक्कीअवतरण स्थान
16आयत

अनुवाद — अल-मोमिनुन 16

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Friday, October 2, 2026

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