Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَعَلَيْهَا: उस पर (अर्थात ऊँटों पर)
- وَعَلَى الْفُلْكِ: और जहाज़ पर
- تُحْمَلُونَ: तुम्हें ढोया जाता है / ले जाया जाता है
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपनी इस आयत में अपनी महान शक्ति और अपने बंदों पर अनगिनत एहसानों का ज़िक्र कर रहे हैं। उन्होंने इंसानों के लिए ज़मीन पर ऊँटों को सवारी बनाया और समुद्र में जहाज़ों को। यह अल्लाह की रहमत और कुदरत की निशानी है कि इंसान ज़मीन पर ऊँटों की पीठ पर सफर करता है और समुद्र में जहाज़ों के ज़रिए दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुँचता है।
यहाँ अल्लाह तआला हमें याद दिलाते हैं कि जिस तरह तुम ऊँटों और जहाज़ों पर सवार होकर अपनी मंज़िल तक पहुँचते हो, उसी तरह तुम्हें एक दिन अपने रब के सामने पेश होना है। जिस अल्लाह ने तुम्हें ये सवारियाँ दीं, वही तुम्हें जीवन के सफर में ले जाने वाला है और आख़िरत में भी तुम्हारा हिसाब लेगा।
यह आयत हमें अल्लाह के उन एहसानों पर ग़ौर करने की तरग़ीब देती है जो हम अक्सर भूल जाते हैं। जब हम ऊँट पर सवार होते हैं या जहाज़ में सफर करते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि यह अल्लाह ही है जिसने इन्हें हमारे अधीन किया। अगर वह चाहे तो इन्हें हमारे काबू से बाहर कर दे, लेकिन अपनी रहमत से उसने इन्हें हमारे लिए आसान बना दिया।
इस आयत से हमें सबक लेना चाहिए कि जिस तरह हम सफर के दौरान सवारियों पर भरोसा करते हैं, उसी तरह हमें अपनी ज़िंदगी के हर कदम पर अल्लाह पर भरोसा करना चाहिए। वही हमारा रक्षक और सहारा है। यह हमारे ईमान की तक़वियत का ज़रिया है कि हम अल्लाह की कुदरत के इन नज़ारों को देखकर उसकी तारीफ करें और उसके शुक्रगुज़ार बनें।
अल्लाह तआला ने इस आयत में ज़मीन और समुद्र दोनों के सफर का ज़िक्र किया है, ताकि इंसान हर हालत में अल्लाह की याद करे — चाहे वह ज़मीन पर हो या समुद्र में। यही वास्तविक ईमान है कि इंसान हर जगह और हर हालत में अल्लाह को याद रखे और उसकी नेअमतों का शुक्र अदा करे।
📜 आयत 20-24 — सूरा अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 22
सूरा अल-मोमिनुन आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन्हें जानवरों और कश्तियों पर चढे चढ़े फिरते भी…सूरा आयत 22/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मोमिनुन
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


